ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन 2016 में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स के चार क्वेश्चन गलत पूछे गए हैं। इसे लेकर स्टूडेंटों और सब्जेक्ट एक्सपर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है।
सबने कहा है कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजूकेशन (सीबीएसई) त्रुटि रहित पेपर नहीं बना पा रहा, क्योंकि जेईई मेन 2015 में भी 12 मार्क्स के क्वेश्चन गलत थे। इस बार संख्या बढ़ गई है।
अब संबंधित क्वेश्चन को माइनस करके कंप्यूटराइज्ड मूल्यांकन किए जाने की उम्मीद है। ऐसा हुआ तो मेरिट लिस्ट नीचे आएगी। आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी का एंट्रेंस टेस्ट रविवार को कराया गया।
पहली पाली के टेस्ट के बाद स्टूडेंट और सब्जेक्ट एक्सपर्ट ने क्वेश्चन से आंसर का मिलान किया। इससे पता चला कि फिजिक्स के दो क्वेश्चन गलत पूछे गए हैं। पेपर कोड-जी के 35वां क्वेश्चन एंगुलर मोमेंटम का पूछा गया, जिसके दो आंसर आए हैं। आब्जेक्टिव क्वेश्चन में एक ही आंसर मान्य होता है।
सामान्य कटऑफ जा सकती है 90 मार्क्स तक
जेईई एंट्रेस एग्जाम-2016
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माडर्न फिजिक्स का 41वां क्वेश्चन ट्रांजिस्टर का है। इसके भी दो आंसर निकल रहे हैं। मैथमेटिक्स का 17वां सवाल भी गलत पूछा गया।
बाइनोमिनल का जो सवाल आया, उसका आंसर मैच नहीं कर रहा है। केमिस्ट्री के 67वें नंबर का क्वेश्चन गलत बताया गया है। क्वेश्चन में स्टोचिमेट्री का जिक्र है लेकिन इसका आंसर नहीं निकल पा रहा है।
सब्जेक्ट एक्सपर्ट का कहना है कि 16 मार्क्स माइनस करके मार्किंग हुई तो कटऑफ लिस्ट नीचे आएगी। जो सामान्य कटऑफ वर्ष 2015 में 105 मार्क्स की थी, वह इस बार 90 मार्क्स तक जा सकती है। ओबीसी की 60 मार्क्स और एससी, एसटी की कटऑफ 40 मार्क्स जा सकती है
इस बार जेईई मेन क्वालीफाई करने वाले स्टूडेंटों की संख्या 2 लाख रहेगी। इससे पहले 1.50 लाख स्टूडेंट पास हुए थे। इसका असर भी कटऑफ पर पड़ेगा।