गजल भारद्वाज ने 40वीं हासिल कर उत्तराखंड टॉप किया है।
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जिंदगी में मैने एक ही आईएएस बनने का लक्ष्य रखा था। सिविल सर्विसेज में लिए चौथी बार में सफलता मिली। लेकिन मैं लक्ष्य से भटकी नहीं। मेरी नजर में सफलता पाने का एक ही मूलमंत्र है, मंजिल मिलने तक अपनी कोशिशें जारी रखो।
यह कहना है सिविल सर्विसेज में ऑल इंडिया में 40वां रैंक पाने वाली गजल भारद्वाज का। मूल रूप से रूड़की निवासी गजल पिछले दो साल से चंडीगढ़ में कोचिंग ले रही थीं। गजल सेक्टर-32 आईएएस स्टडी सर्कल में हिस्ट्री की कोचिंग दे रही थीं। गजल ने सिविल इंजीनियरिंग से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है।
सिविल सर्विस में इन्होंने ऑप्शनल सब्जेक्ट हिस्ट्री रखा। आईएएस की तैयारी में वह प्रो.अनिल कुमार का विशेष योगदान मानती हैं। इनके पिता सम्राट भारद्वाज रिटायर्ड लेक्चरर और मां अलका गृहणी हैं। वह बताती हैं कि उन्हें सबसे अधिक उनके पेरेंट्स ने मोटिवेट किया। हर रोज 9 से 10 घंटे की तैयारी करती थी।
टॉपर ने दिए टिप्स
-जो आप बनना चाहते हैं पहले उसे तय करें।
-जीवन में हर चीज का बैलेंस बनाकर चलना चाहिए।
-सभी विषयों को बराबर का समय दें।
-असफलता से परेशान नहीं होना।
-रूटीन में अखबार पढ़ने की आदत डालें।
-तैयारी करते हुए खुद के नोट्स तैयार करें।