केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) अब संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए संस्कृत शिक्षकों की भर्ती करेगा। यह शिक्षक न सिर्फ संस्कृत पढ़ाएंगे, बल्कि उसके प्रचार प्रसार को लेकर भी काम करेंगे। सभी केवीएस को निर्देश जारी कर कहा गया है कि जहां पर 15 से ज्यादा स्टूडेंट संस्कृत के हैं, वहां पर अनुबंध पर शिक्षकों की भर्ती की जाए।
बताते चलें कि वर्ष 2014 में केवीएस ने 11वीं में भाषा विषय के रूप में संस्कृत को भी 2015-16 के सत्र में शामिल किया था, लेकिन जब केवीएस ने इसे लेकर आंकड़े जुटाए तो यह चौंकाने वाले थे, क्योंकि बहुत कम संख्या में छात्रों ने संस्कृत को लिया था। दसवीं में संस्कृत पढ़ चुके छात्र भी इसमें रुचि नहीं ले रहे थे। सिर्फ बंगलूरू और एर्नाकुलम में कुछ छात्रों ने इसमें ज्यादा रुचि दिखाई।
जब इसका कारण जानने की कोशिश की गई, तो पता चला कि केवी में संस्कृत पढ़ाने वाले शिक्षकों की संख्या कम है। अब केवी ने संस्कृत के प्रचार प्रसार करने को लेकर निर्देश जारी किया है, जहां पर शिक्षकों की कमी है वहां अनुबंध पर संस्कृत विषय के शिक्षकों की भर्ती करने को कहा है।
साथ ही संस्कृत के प्रचार प्रसार पर काम करने के लिए भी निर्देश दिया है। केवी की कोशिश है कि जो छात्र दसवीं में संस्कृत पढ़ चुके हैं, वह 11वीं में भी संस्कृत को विषय के रूप में चुनें।