मेडिकल की दूसरी प्रवेश परीक्षा नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट 2) की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस दौरान कुछ बातों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। फॉर्म भरते समय एक भी गलती हुई तो नीट 1 की तर्ज पर यहां गलती सुधारने का मौका नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा स्टेट कोड भी सोच समझकर भरें, क्योंकि उत्तराखंड में इसी आधार पर एडमिशन किए जाने हैं।
नीट 1 की आवेदन प्रक्रिया के बाद सीबीएसई ने आवेदन में त्रुटि सुधार का मौका दिया था। लेकिन नीट 2 में ऐसा कोई मौका नहीं दिया जाएगा। लिहाजा, सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वह सभी नियम कायदों को अच्छी तरह से पढ़कर ही अपना फॉर्म भरें।
8 जुलाई तक आएंगे एडमिट कार्ड
इसके अलावा स्टेट कोड ऑफ एलिजिबिलिटी के मामले में भी सोचसमझकर एंट्री करें। जैसे अगर कोई छात्र आंध्र प्रदेश का है और उसके पास एकेडमिक डोमिसाइल गुजरात का है तो उसे आंध्र प्रदेश ही भरना होगा। सीबीएसई के मुताबिक नीट 2 का आयोजन 24 जुलाई को होना है, जिसके एडमिट कार्ड वेबसाइट पर 8 जुलाई तक आ जाएंगे। नीट का रिजल्ट 17 अगस्त को संभावित है।
आंसर शीट नहीं होगी रीचेक
नीट 2 में अगर कोई अभ्यर्थी चाहेगा भी तो वह परीक्षा पूरी होने से पहले बाहर नहीं निकल पाएगा। आंसर शीट की रीचेकिंग का कोई प्रावधान नहीं है। केवल ओएमआर आंसर की को चैलेंज किया जा सकता है। इसके लिए प्रत्येक प्रश्न के लिए एक हजार रुपये शुल्क लगेगा।
अगर दावा सही पाया गया तो पैसा लौटा दिया जाएगा। बलूनी क्लासेज के एमडी विपिन बलूनी ने बताया कि नीट 2 में पूरा सिलेबस नीट 1 जैसा ही है। 180 ही सवाल पूछे जाएंगे। अच्छी बात यह है कि छात्रों के पास तैयारी का ज्यादा समय उपलब्ध है।