शिक्षा विभाग ने अजब-गजब आदेश दिया है। अभी तक किताबें नहीं पहुंचने पर विभाग ने शिक्षकों को ई-बुक्स डाउनलोड कर पि्रंट निकालकर छात्रों को बांटने को कहा है। ताकि 25 मई से स्कूलों में होने वाली मासिक परीक्षा के लिए छात्रों की तैयारी कराई जा सके।
विभाग के इस आदेश से शिक्षक परेशान है और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्कूलों में जब कंप्यूटर, प्रिंटर व इंटरनेट की माकूल व्यवस्था ही नहीं है, तो आखिर ई-बुक्स का प्रिंट कहां से निकाले। बृहस्पतिवार के अंक में अमर उजाला ने बताया कि मासिक टेस्ट 25 मई को निर्धारित है, लेकिन किताबें स्कूलों में नहीं पहुंची है।
मासिक परीक्षा को देखते हुए अब विभाग ने यह आदेश जारी किया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी) की वेबसाइट से ई-बुक डाउनलोड कर बच्चों को बांटने को कहा गया है। हरियाणा राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव अशोक कुमार का कहना है कि विभाग किताबें उपलब्ध कराने की बजाय फरमान जारी कर रहा है। प्राइमरी स्कूलों में कंप्यूटर ही नहीं है।
ऐसे में यह ई-बुक्स कैसे डाउनलोड होंगी और इसके प्रिंटआउट छात्रों को कैसे उपलब्ध हो पाएंगे। वहीं, हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के प्रदेश सचिव सत्यनारायण यादव का कहना है कि विभाग के अधिकारी अपना पल्ला झाडने के लिए इस तरह के आदेश दे रहे हैं। पहले किताब न पहुंचने पर सीआरपी मॉडयूल लागू किया गया और अब ये फरमान। विभाग की दशा दिन प्रतिदिन खराब होते जा रही है।
ऐसे में गुणवत्तापरक शिक्षा के बारे में सोचा जा सकता है। इस मामले में खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार का कहना है कि सभी प्राइमरी व मिडिल हेड साइबर कैफे से इसे डाउनलोड करवा सकते हैं। जब वे एमआईएस करवा रहे हैं तो इसे भी करवा ही सकते हैं। मोबाइल में डाउनलोड कर बच्चों को पढ़ा सकते हैं। किताबें एक सप्ताह में स्कूलों में पहुंच जाएंगी।