उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने आखिरकार ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेजों में होने वाली भर्ती प्रक्रिया को दो साल बाद निरस्त कर दिया है। दोनों कॉलेज अब उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के परिसर हैं।
आयोग ने वर्ष 2013 में दोनों कॉलेजों में प्रोफेसर, रीडर और प्रवक्ता रेडियोलॉजी के रिक्त पदों के लिए सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। प्रक्रिया चल रही थी कि इस बीच वर्ष 2014 में गुरुकुल और ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज, आयुर्वेद विवि का परिसर बन गए।
इन कॉलेजों के परिसर बनने के बाद इनकी भर्ती की जिम्मेदारी विवि पर आ गई। मामले में राज्य सरकार के पत्र भेजने पर आयोग ने जनवरी 2015 में प्रक्रिया स्थगित कर दी थी। तब से लगातार पत्राचार होने के बाद सोमवार को आयोग ने भर्ती प्रक्रिया निरस्त कर दी। अब इन पदों पर भर्ती की पूरी जिम्मेदारी आयुर्वेद विवि के पास होगी।