स्टूडेंट्स ने एचपीयू प्रशासन से दोबारा से परीक्षा करवाने की मांग की है।
ओल्ड सिलेबस की तैयारी कर परीक्षा देने गए छात्रों को उस समय जोर का झटका लगा, जब उन्हें नए सिलेबस का प्रश्नपत्र थमा दिया गया। बिलासपुर कॉलेज में ऐसा मामला सामने आया है। सोमवार को बीए सेकेंड ईयर के हिंदी इलेक्टिव विषय में इंप्रूवमेंट का पेपर था। परीक्षा देने गए स्टूडेंट्स ने एचपीयू प्रशासन से दोबारा से परीक्षा करवाने की मांग की है।
उन्होंने बताया कि सोमवार को वे बिलासपुर कॉलेज में इंप्रूवमेंट की परीक्षा देने पहुंचे। उन्होंने ओल्ड सिलेबस भरा था, लेकिन परीक्षा हाल में उन्हें नए सिलेबस का प्रश्नपत्र थमा दिया गया। उनके मुताबिक फॉर्म में भरे कॉलम के अनुसार उन्हें यह प्रश्नपत्र ओल्ड सिलेबस का मिलना चाहिए था। बीए सेकेंड ईयर के हिंदी इलेक्टिव विषय की इंप्रूवमेंट परीक्षा देने पहुंचे परीक्षार्थियों में कमल किशोर, तारा देवी, रीता कुमारी, रुकमणि देवी, रीचा चंदेल तथा सतप्रकाश ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी ओल्ड सिलेबस से की थी।
इसी से ही ग्रेजुएशन की है। बीए में कम अंक आने के कारण इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षा भरी थी। इसके लिए पांच हजार रुपये फीस भी फार्म के साथ भरी थी। कमल किशोर ने बताया कि उन्होंने इससे पहले इतिहास की परीक्षा दी थी। उस समय प्रश्नपत्र पुराने सिलेबस का ही मिला था, लेकिन 28 मार्च हिंदी के इलेक्टिव विषय का पेपर न्यू सिलेबस से आने के कारण उनका पेपर सही नहीं हुआ।
उन्होंने मांग की है कि प्रदेश विवि इस परीक्षा को दोबारा से करवाए। परीक्षार्थी कमल किशोर ने बताया कि इस बाबत कुलपति को भी अवगत करवाया जाएगा। उधर, कॉलेज प्राचार्य डा. राकेश भारद्वाज ने बताया कि छात्रों को गलती लग गई है। यूनिवर्सिटी ने वही सिलेबस साइट पर लोड किया है, जो प्रश्नपत्र में आया है। उधर, परीक्षा नियंत्रक प्रो. श्यामलाल कौशल ने बताया कि मामला उनके ध्यान में नहीं है। यदि ऐसा कुछ हुआ है तो नार्म्स के आधार पर छानबीन की जाएगी।