देश की 12 टॉप यूनिवर्सिटीज में शुमार पंजाब यूनिवर्सिटी
देश की 12 टॉप यूनिवर्सिटीज में शुमार पंजाब यूनिवर्सिटी में छात्र-छात्राओं की सिक्योरिटी जीरो है। पीयू प्रशासन सुरक्षा देने में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है। यूनिवर्सिटी परिसर में सरेआम छेड़छाड़, फायरिंग, मारपीट और अन्य हिंसक घटनाएं सिक्योरिटी की पोल खोल रहीं हैं। यही नहीं इतना कुछ होने के बावजूद सिर्फ दावे किए जा रहे हैं, प्लानिंग बनाई जा रहीं हैं, मगर उन्हें अमलीजामा नहीं पहनाया जा रहा। अभी तक पीयू में आउटसाइडरों की एंट्री को बैन नहीं लग पाया है। शिक्षा का मंदिर दारू का अड्डा बना हुआ है। हॉस्टलों से शराब की बोतलें और सिगरेट के पैकेट बरामद हो रहे हैं। अमर उजाला ने वीरवार को पीयू में सिक्योरिटी चेक की तो वहां ये खामियां उजागर हुईं।
समय : दोपहर 12 बजे, स्थान : पीयू का गेट नंबर-1
गेट के अंदर बैरिकेडिंग, सिक्योरिटी गार्ड का बीट बॉक्स और उसमें तैनात चार सिक्योरिटी गार्ड। उनके सामने से वाहन सवार मस्ती में निकल रहे थे। 15 मिनट तक अमर उजाला की टीम वहां मौजूद थी। मगर इस दौरान सिक्योरिटी गार्डों ने किसी भी वाहन को नहीं रोका।
समय : दोपहर 12:30 बजे, स्थान : पीयू का गेट नंबर-3
पंजाब यूनिवर्सिटी के बैक साइड में बने गुरुद्वारे और मंदिर के पास भी सुरक्षा रामभरोसे थी। बाहर सड़क की ओर से बड़ी आसानी से लोग अंदर-बाहर आ-जा रहे थे। ध्यान रहे कि पीयू में आठ गोलियां चलने के बाद एक आरोपी की कार इसी गेट के पास से बरामद हुई थी। उसमें लाठी, डंडे भी रखे थे।
समय : दोपहर 12:50 बजे, स्थान : हॉस्टल नंबर-6
पीयू के ब्वॉयज हॉस्टल परिसर में एक कोने में बीयर की खाली बोतलें बड़ी संख्या में रखी थीं। यहीं सिगरेट के पैकेट भी पड़े थे।
पुलिस की एंट्री नहीं चाहते छात्र नेता
पंजाब यूनिवर्सिटी में फायरिंग
- फोटो : amar ujala
पीयू के छात्र नेताओं ने परिसर में पुलिस की एंट्री बैन करने की मांग की थी। उन्होंने पीयू कैंपस में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारी के साथ ही शिकायतों की जांच का काम सिक्योरिटी गार्डों को सौंपने की मांग की थी। उनका आरोप था कि पुलिस यूनिवर्सिटी परिसर में घुसकर मनमानी करती है।
छेड़खानी पर लगाम नहीं
पंजाब यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं में मनचलों की वजह से दहशत का माहौल है। आए दिन कैंपस में मनचले छात्राओं से खुलेआम बदसलूकी करते हैं। जबकि पीयू सिक्योरिटी सिर्फ पुलिस को सूचना देने तक सीमित रहती है।
सीआईडी भी जानकारी देने में नाकाम?
पीयू में तैनात सीआईडी की ओर से किसी वारदात और घटना का संकेत पुलिस को नहीं मिलता है। सूत्रों की मानें तो सीआईडी पीयू में फेल रही है। पीयू में छेड़खानी की कई घटनाओं के साथ ही हॉस्टल में छात्र पर चाकू से हमला, आउटसाइडर की बालकनी से गिरकर मौत, छात्र गुटों में बवाल मामले में सीआईडी से कोई जानकारी नहीं मिली है।
सिक्योरिटी गार्डों के सामने ही हो चुकी वारदात
तीन महीने पहले हरियाणा नंबर की कार से आए चार युवकों ने एक छात्रा से पीयू के गेट नंबर-2 पर छेड़खानी की। बाद में कई अन्य छात्राओं के विरोध के बाद आरोपी कार छोड़कर फरार हो गए। इस दौरान छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उनके साथ सिक्योरिटी गार्डों के सामने वारदात हुई, लेकिन सिक्योरिटी गार्डों ने आरोपियों को रोकने तक की कोशिश नहीं की।
लड़कियों का बाहर निकलना मुश्किल
यूनिवर्सिटी परिसर में दो महीने में ही ईवटीजिंग समेत दर्जन भर आपराधिक वारदात हो चुकी हैं। दो महीने में गर्ल्स हॉस्टल नंबर-5, हॉस्टल नंबर-7, हॉस्टल नंबर-2 और हॉस्टल के आसपास कई छेड़खानी की घटनाएं हुईं। ऐसे में लड़कियों का हॉस्टल से निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
आउटसाइडर आए, आफत लाए
पीयू में फैशन शो में विवाद के बाद फायरिंग
- फोटो : amar ujala
केस-1- पीयू में चार दिन पहले फैशन शो कार्यक्रम के दौरान बात बिगड़ने पर सोई और पूसू में लड़ाई हो गई। इस दौरान पीयू परिसर में आठ गोलियां चलीं। इस मामले में अभी तक दो की गिरफ्तारी हुई है, जबकि तीन की तलाश जारी है।
केस-2 : आठ माह पहले पीयू के ब्वॉयज हॉस्टल नंबर-2 में आए आउटसाइडर की संदिग्ध रूप से छत से गिरने से मौत हो गई थी। पुलिस की प्राथमिक जांच में कमरे के अंदर से काफी संख्या में शराब व बीयर की बोतलें बरामद हुईं थीं। आसपास के छात्रों ने बताया था कि देर रात तक उनकी पार्टी चली थी।
केस-3 : दो माह पहले पीयू के ब्वॉयज हॉस्टल नंबर-5 में आउडसाइडरों ने देर रात एक छात्र को चाकू मारकर गंभीर घायल कर दिया था। इस वारदात के बाद आरोपी आराम से पीयू कैंपस से फरार हो गए थे। आरोपी अपनी कार से आए थे और गेट की तरफ से होकर निकले थे।
केस-4 : पिछले माह पीयू कैंपस में आउटसाइडरों ने गर्ल्स हॉस्टल के बाहर एक के बाद एक कई छेड़खानी की वारदात को अंजाम दिया। पहले हॉस्टल नंबर-7, फिर हॉस्टल नंबर-2 और उसके बाद हॉस्टल नंबर-1 के सामने छात्राओं से छेड़खानी हुई।
दो नंबर गेट अतिसंवेदनशील
दरअसल, पीयू के अन्य गेट रात में दस बजे के बाद बंद कर दिए जाते हैं। जबकि गेट नंबर-2 से चौबीस घंटे एंट्री व एग्जिट है। हालांकि गेट पर पीयू के सिक्योरिटी गार्ड तैनात होते हैं, मगर वे भी तभी सतर्क होते हैं, जब कोई वारदात हो जाए।
पीयू के पास जाती हैं ज्यादातर शिकायतें
सेक्टर-11 थाना प्रभारी नरिंद्र पटियाल के अनुसार ज्यादातर घटनाओं में लड़कियां शिकायत पीयू प्रशासन को देती हैं। पुलिस को लिखित शिकायत देने में वह कतराती हैं। इस वजह से कार्रवाई नहीं हो पाती। मामले की जांच पीयू कमेटी द्वारा होने के बाद पुलिस के पास शिकायतें भेजी जाती हैं। इस तरह के ज्यादातर मामलों में पीड़ित छात्रा शिकायत देने से भी मुकर जाती है।
चुनाव के दौरान जांच में मिले थे 69 आउटसाइडर
चुनाव के पहले पीयू के ब्वॉयज हॉस्टलों में पुलिस की अचानक रेड में 69 आउटसाइडर काबू किए गए। छात्र संगठन चुनाव के मद्देनजर सुबह करीब तीन बजे पुलिस ने छापामारी की थी। आईडी प्रूफ चेक करने के बाद पुलिस आउटसाइडरोें को थाने ले गई थी। डीएसपी सेंट्रल सतीश कुमार के अलावा एसएचओ-11 नरेंद्र पटियाल व 80 पुलिसकर्मियों की टीम ने हॉस्टल का लगभग हर कमरा खंगाला था। वहीं, पकड़े गए आउटसाइडरों ने अपने करीबी रिश्तेदारों को बुलाया, जिनकी गारंटी पर सभी को छोड़ दिया गया। गौरतलब हो कि उस समय पीयू के चीफ सिक्योरिटी अफसर प्रोफेसर जितेंद्र ग्रोवर ने कहा था कि जिन स्टूडेंट्स के कमरे से आउटसाइडर काबू किए गए हैं। उन पर पीयू प्रशासन के नियम के तहत बनती कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तो फाइन बनता है।
पुलिस ने बताया, ऐसे रुक सकती हैं वारदात
गाड़ी की टक्कर के बाद पहुंची पुलिस
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दो दिन पहले पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में गोलीबारी और मारपीट की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने विश्वविद्यालय प्रशासन को कई उपाय सुझाए हैं। पुलिस ने पीयू प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था डिजिटलाइज करने की सलाह दी है।
एनपीआर कैमरा लगाएं
पुलिस के अनुसार पीयू में लगे सीसीटीवी कैमरों में नाइट विजन कमजोर है। पीयू परिसर के कई जरूरी स्थानों पर कैमरे नहीं हैं। कई कैमरे खराब पड़े हैं। इसलिए पीयू परिसर में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉर्डिंग (एएनपीआर) कैमरा लगाया जाए। इसके माध्यम से पीयू में आने जाने वाले सभी गाड़ियों का रिकार्ड कैमरे से दर्ज हो जाएगा।
ऑटोमैटिक वाहन ट्रैकिंग सिस्टम
पुलिस ने पीयू प्रशासन से कहा है कि तीनों गेट पर ऑटोमैटिक वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाए। इसमें पीयू की गाड़ियों को रजिस्टर्ड किया जाए। यह सिस्टम रजिस्टर्ड गाड़ियों के आने पर 50 मीटर दूरी से ही ट्रैक कर लेता है और गेट खुल जाता है। जबकि, बाहरी वाहनों को पीयू सिक्योरिटी पूरी तरह से वेरिफिकेशन और आइडी कार्ड लेने के बाद ही अंदर जाने की इजाजत दे।
बाउंड्री ठीक करवाए, गुरद्वारे के रास्ते पर बढ़ाएं सुरक्षा
पीयू में की बाउंड्री की मरम्मत करवाई जाए, उसको बढ़ाया जाए और जंगल के पास बने गुरुद्वारे के रास्ते पर सुरक्षा बढ़ाई जाए। पुलिस के अनुसार गुरुद्वारे के रास्ते से आउट साइडर कैंपस में घुस जाते हैं।
हॉस्टल बना आउटसाइडरों का अड्डा
पुलिस ने पीयू के हॉस्टलों को आउटसाइडरों का अड्डा बताया है। पुलिस का कहना है कि समय -समय पर हॉस्टलों की जांच कर आउटसाइडरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके साथ हॉस्टल से बाहर जाने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा के पास आईकार्ड होना अनिवार्य किया जाए।
सीधी बात : जितेंद्र ग्रोवर, चीफ सिक्योरिटी अफसर प्रोफेसर
पंजाब यूनिवर्सिटी
- फोटो : file photo
सवाल- हर वारदात में आउटसाइडर होते हैं। फिर भी आउटसाइडरों पर मेहरबानी क्यों?
जवाब- ऐसा कुछ भी नहीं है? सिक्योरिटी गार्ड हमेशा पूरी चेकिंग करते हैं। वैसे हम पहले ही मेल जारी कर चुके हैं। रविवार से पीयू के तीनों गेट पर सिक्योरिटी बढ़ाकर प्रत्येक गाड़ी की चेकिंग की जाएगी। इस दौरान उसके पास गाड़ी का पास, आईकार्ड या अन्य प्रूफ होना अनिवार्य होगा।
सवाल- हॉस्टल में आउटसाइडर पकड़े जाने के बाद हॉस्टल अलॉटी पर क्या कार्रवाई बनती है?
जवाब- आउटसाइडर पकड़े जाने के बाद अलॉटी का कमरा लॉक कर दिया जाता है। इसके साथ उसकी रिपोर्ट पीयू प्रशासन को सौंपी जाती है। पूरी जांच के बाद बनती कार्रवाई स्टूडेंट्स पर की जाती है।
सवाल- चुनावी समय में एक ही रात की छापामारी में 69 आउटसाइडर पकड़े गए थे। हॉस्टल अलॉटी पर अभी तक क्या कार्रवाई की गई?
जवाब- उस समय पकड़े गए हॉस्टल अलॉटियों पर जांच के बाद कार्रवाई की गई थी। इसमें प्रत्येक स्टूडेंट पर करीब 200 रुपये फाइन लगाया गया था।
सवाल- लास्ट टाइम पीयू हॉस्टलों की जांच कब हुई?
जवाब- पीयू सिक्योरिटी ने पिछले हफ्ते हॉस्टलों की जांच की थी। इस दौरान भी कई आउटसाइडर पकड़े गए थे। हॉस्टल अलॉटीज छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
सवाल- सुरक्षा को लेकर काफी समस्याएं सामने आती हैं? पीयू प्रशासन क्यों चुप है?
जवाब : सुरक्षा के मद्देजनर आने वाली तकरीबन सभी समस्याओं पर विचार करके रिपोर्ट तैयार की गई। इनको जल्द ही लागू करके पीयू परिसर की सुरक्षा को पुख्ता किया जाएगा।
सवाल- गोली चलने की वारदात के बाद पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था को टेक्नोलॉजी से माध्यम से जोड़ने के निर्देश दिए। इस पर पीयू कोई तैयारी कर रही है?
जवाब- जी हां, सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बनाई रिपोर्ट में हाइटेक सीसीटीवी कैमरे की मांग की गई है। पीयू प्रशासन भी सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है। जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था को अच्छे ट्रैक पर ला दिया जाएगा।