पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और एफिलिएटेड 190 कॉलेजों में जुलाई 2016 सत्र से फीस बढ़ाने की तैयारी है। रविवार को पीयू सीनेट में मुहर लगना लगभग तय है। करीब एक माह से पीयू के कई छात्र संगठन फीस बढ़ोतरी को लेकर विरोध कर रहे हैं। लेकिन पीयू प्रशासन ने सभी कक्षाओं की ट्यूशन फीस 500 से 1200 (पांच फीसदी) बढ़ाने की तैयारी कर ली है।
गौरतलब है कि बोर्ड ऑफ फाइनेंस की रिपोर्ट के बाद सिंडीकेट ने फीस बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी थी। रविवार को सीनेट की बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव आने की संभावना है। सीनेट में आगामी सत्र से कैंपस और एफिलिएटेड कॉलेजों में ग्रामीण और बॉर्डर एरिया के विद्यार्थियों के लिए दो सीटें रिजर्व करने पर भी अंतिम फैसला होगा।
करीब डेढ़ साल से यह मामला लटका हुआ है। पीयू के नए डीयूआई पर भी सीनेट फैसला लेगी। मौजूदा डीयूआई प्रो. एके भंडारी का 31 मार्च को कार्यकाल पूरा हो जाएगा। सीनेट में पीयू और कॉलेज के शिक्षकों को पीएचडी में प्रवेश के लिए नेट और एंट्रेंस से छूट पर भी मुहर लग सकती है।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मिले वीसी
फीस बढ़ोतरी के विरोध में करीब एक माह से वीसी दफ्तर के बाहर एसएफएस के छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शनिवार को कुलपति प्रो. अरुण ग्रोवर भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों से मिले और हड़ताल खत्म करने की अपील की। कुलपति ने कहा कि बोर्ड ऑफ फाइनेंस ने केंद्र सरकार से बजट लेने के लिए फीस बढ़ोतरी को अनिवार्य बताया है। यूनिवर्सिटी के नॉन प्लान बजट के लिए हर साल पांच फीसदी फीस बढ़ोतरी जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर केंद्र और यूजीसी पीयू की ग्रांट रोक देगी। पीयू के 2015-16 सत्र की अब भी 90 करोड़ की ग्रांट मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने रोक रखी है। उधर, पीयू ने भूख हड़ताल पर बैठे विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी सूचित कर दिया है।
ये प्रस्ताव भी रखे जाएंगे सीनेट में
- सेक्टर-25 में बने इंटरनेशनल हॉस्टल की फीस स्ट्रक्चर का प्रस्ताव।
- मास्टर इन सोशल वर्क (एमएसडब्ल्यू) में सीईटी के तहत दाखिले को मंजूरी।
- पीयू के दिहाड़ीदार, कांट्रेक्ट कर्मचारियों को रेगुलर करने का मामला।
- एम.फिल. में एनआरआई स्टूडेंट के नए फीस स्ट्रक्चर को मंजूरी।
-पीयू में शिक्षकों की नियुक्ति में रोस्टर सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव।
- रोस्टर सिस्टम लागू करने का मामला।