पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन जहां सुरक्षा कर्मियों की तैनाती बढ़ाकर आउट साइडरों की एंट्री बैन करने का दावा कर रहा है, दूसरी ओर हॉस्टलों के आसपास शराब और बीयर की खाली बोतलें उनके दावों की चुगली कर रही हैं।
अमर उजाला की टीम रविवार सुबह 7 बजे पीयू कैंपस पहुंची। टीम पहले हॅास्टल (ब्वॉयज) नंबर 5 और 6 पहुंची। इस दौरान हॉस्टल के बाहर शराब की खाली बोतलें, उसके रैपर, बीयर की खाली बोतलें बड़ी संख्या में फेंकी गई थीं। इसके साथ पीयू के हॉस्टल नंबर-5 के भीतर एक कोने में पानी की बोतलों के साथ बीयर की खाली बोतलें पड़ी थीं।
पीयू प्रशासन द्वारा सुरक्षा कर्मियों की संख्या बढ़ा देने के बावजूद अगर शराब और बीयर की बोतलें कैंपस में पहुंच रही हैं तो कहीं न कहीं सुरक्षा में खामी है और प्रशासन को उन कमियों पर विचार कर दुरुस्त करने की जरूरत है। इससे यह भी संदेह होता है कि हॉस्टलों में आउट साइडर्स का आना - जाना रुका नहीं है।
अमर उजाला ने पहले भी चेताया था
पीयू कैंपस में गोली कांड के बाद अमर उजाला ने वहां की हकीकत से लोगों को रूबरू करवाया था। इस दौरान हॉस्टल नंबर-5 में फेंकी गई बीयर की खाली बोतलें भी मिली थीं। लेकिन, एक बार फिर से शराब और बीयर की खाली बोतलें वहां पड़ी होने से पीयू प्रशासन गेट पर सिक्योरिटी खड़ी करके सुरक्षा का दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रोफेसर जितेंद्र ग्रोवर, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर, पीयू ने बताया कि पीयू हॉस्टलों के अंदर या बाहर शराब की बोतलें मिलती हैं तो वह वार्डन की जिम्मेवारी बनती है। वार्डन के बगैर हॉस्टलों में पुलिस और सिक्योरिटी दोनों एंट्री नही कर सकती है। इस तरह की समस्याओं की पर वार्डन की नजर होती है।