दून विश्वविद्यालय में किसी भी तरह के आंदोलन, हंगामा, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, गेट पर तालाबंदी, मीडिया को बुलाकर दबाव बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हाल ही में शुरू हुई विवि की दाखिला प्रक्रिया के प्रॉस्पेक्टस में यह जानकारी उजागर हुई तो सैकड़ों की संख्या में छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है।
इस क्रम में सोमवार को छात्रों ने कुलसचिव का घेराव किया। छात्रों ने कहा कि प्रदेश में कई विश्वविद्यालय हैं, लेकिन कहीं भी इस तरह का नियम नहीं है।
धरना, प्रदर्शन पर रोक
दून विवि के प्रॉस्पेक्टस में ‘कैटेगरीज ऑफ मिसकंडक्ट एंड इनडिसिप्लीन’ में प्रथम श्रेणी में किसी भी तरह की हिंसा, घेराव, धरना, मीडिया को बुलावा या विवि के किसी भी एकेडमिक ब्लॉक पर रोक, विवि के प्रवेश द्वार पर तालाबंदी, बाहरी छात्र संगठनों को विवि में आंदोलन को बुलाने पर सख्त प्रतिबंध लगा दिया गया है।
इसे अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए विवि प्रशासन ने विवि से बाहर निकालने, दस हजार रुपये जुर्माना सहित कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। इसके विरोध में छात्रों ने प्रशासनिक भवन में विरोध प्रदर्शन किया। कुलसचिव डॉ. बीएम हरबोला का घेराव किया। घेराव के दौरान छात्रों की कुलसचिव से तीखी नोंकझोंक भी हुई।
छात्रों का कहना था कि विवि ने जबर्दस्त उनके अधिकारों पर रोक लगाई है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि आंदोलन के अगले चरण में मंगलवार को विवि में प्रशासनिक भवन में दरवाजा बंद किया जाएगा। अगर विवि ने अपना नियम नहीं बदला तो वह उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।
कुलपति का है कहना
यह कोई हार्ड एंड फास्ट नियम नहीं है। अनुशासन बनाने के लिए ये कार्यसमिति में पास हुए नियम हैं। किसी भी संस्थान में अनुशासनहीनता होती है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। हमारा मकसद छात्रों का उत्पीड़न नहीं बल्कि उन्हें सही दिशा देते हुए आगे बढ़ाना है।
-प्रो. वीके जैन, कुलपति, दून विश्वविद्यालय'