जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से लेकर सैकड़ों किलोमीटर हैदराबाद यूनिवर्सिटी तक छात्रों की आजादी की बात को दबाने की कोशिश की जा रही है। मैं हैदराबाद यूनिवर्सिटी जाकर पीड़ित छात्रों से मिलना चाहता था, लेकिन मुझे कैंपस के अंदर जाने की अनुमति ही नहीं दी गयी।
हालांकि मैंने कैंपस के गेट के बाहर अपना विरोध दर्ज करवाया। हैदराबाद स्थित सुंदर वैज्ञानिक केंद्र पर बोलने पर मुझ पर जूता फैंकने की कोशिश् की गयी।
पुलिस ने हैदराबाद गो रक्षा आंदोलन के नेता जयप्रकाश रेडडी को गिरफ्तार किया है। वहीं, विजयवाड़ा में सेमिनार में बोलने से पहले मेरा विरोध शुरू हो गया।
आखिर लोकतंत्र में बोलने का अधिकार क्यों छीना जा रहा है। छात्रों के बोलने पर दबाव बनाया गया तो हम देशभर के विश्वविद्यालयों में लोकतंत्र में आजादी का बिगुल बजा देंगे।