जिले के मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षक के तौर पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराने पर विभाग ने 70 शिक्षकों के वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। मूल्यांकन केंद्रों पर गैरहाजिर रहने का मामला इन शिक्षकों की गोपनीय आख्या में भी दर्ज होगा।
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए जनपद में तीन केंद्र (श्रीनगर, पौड़ी, कोटद्वार) बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर जिले के 419 शिक्षकों की नियुक्ति परीक्षक के तौर पर की गई थी।
419 में से 70 शिक्षकों ने नहीं उपस्थिति
इनमें से 70 शिक्षकों ने उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। इन शिक्षकों को विभाग की ओर से मूल्याकंन केंद्र में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कई बार सूचित भी किया गया। कुछ दिन पहले विद्यालयी शिक्षा परिषद के सचिव डा. आरडी शर्मा ने अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों का वेतन रोकने की चेतावनी भी दी थी।
बावजूद इसके शिक्षक मूल्यांकन केंद्रों पर नहीं पहुंचे। मुख्य शिक्षा अधिकारी मदन सिंह रावत ने कहा कि मूल्यांकन केंद्रों पर अनुपस्थित 70 शिक्षकों के वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
इन शिक्षकों की गोपनीय आख्या में भी यह मामला दर्ज किया जाएगा। परीक्षकों की कमी के कारण विभाग को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।