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अतिथि शिक्षकों की होगी तैनाती, राज्यपाल ने दिए निर्देश

Mon, 11 Apr 2016 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून

सार

  • राज्यपाल के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश में सहायक अध्यापक एलटी एवं प्रवक्ताओं के रिक्त पदों के लिए आवेदन मांगे गए।
  • हरीश रावत ने राज्यपाल को पत्र लिखकर अतिथि शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति की मांग की।
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विस्तार
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प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की शिक्षा विभाग में रिक्त पदों पर तैनाती की जाएगी। राज्यपाल डॉ. केके पाल ने राजभवन में विभाग की समीक्षा बैठक लेते हुए विभागीय अधिकारियों को अतिथि शिक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए। बता दें कि अमर उजाला अतिथि शिक्षकों की तैनाती की खबर को नौ अप्रैल के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित कर चुका है। अब राज्यपाल की ओर से भी इस मामले में विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
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राज्यपाल ने विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि प्रदेश के किसी भी स्कूल में शिक्षकों का कोई भी पद रिक्त न हो। उन्होंने कहा कि विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली होने से शिक्षा गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है।

सोमवार को मामले में राज्यपाल के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश में सहायक अध्यापक एलटी एवं प्रवक्ताओं के रिक्त पदों के लिए आवेदन मांग लिए गए हैं। दून जनपद में अतिथि शिक्षकों के लिए 22 अप्रैल शाम पांच बजे तक आवेदन मांगे गए हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी एसपी खाली ने कहा कि अस्थायी रूप से विजिटिंग शिक्षकों का पुल गठित करने के लिए आवेदन मांगे गए हैं। 
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हरीश रावत ने लिखा पत्र
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राज्यपाल को पत्र लिखकर अतिथि शिक्षकों की पुनर्नियुक्ति की मांग की है। राज्यपाल को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि शिक्षकों के रिक्त पदों पर निवर्तमान सरकार ने 6126 अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की, लेकिन एक अप्रैल 2016 से इनका सेवा विस्तार नहीं किया जा रहा है। इससे स्कूलों में पठन पाठन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अतिथि शिक्षकों की सेवा का विस्तार किया जाए।
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एनडी बोले, शिक्षक शिक्षक होता है अतिथि शिक्षक नहीं

एनडी तिवारी - फोटो : AmarUjala
नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी भी बेटे रोहित और पत्नी उज्जवला के साथ परेड ग्राउंड धरना स्थल पर पहुंचे। पूर्व सीएम ने कहा कि अतिथि शिक्षकों की मांग जायज है, इस मसले पर उन्होंने राज्यपाल से बात की है। मामले में राज्यपाल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

उन्होंने कहा कि अतिथि शिक्षक क्या होता है, शिक्षक तो केवल शिक्षक होता है। पूर्व सीएम के बेटे रोहित ने कहा कि शिक्षक के आगे से अतिथि शब्द हटाया जाए। शिक्षकों के आगे अतिथि लगाना शिक्षकों का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने शिक्षकों को नियुक्ति दी जिसे बहाल किया जाए। 

पूर्व सीएम ने गाया बेडू पाको गीत
परेड ग्राउंड में अतिथि शिक्षकों के बीच पहुंचे पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने गढ़वाल व कुमाऊं के सदाबहार गीत बेडू पाकों बारह मासों गाया। वही सिटी मजिस्ट्रेट को मौके पर बुलाकर अतिथि शिक्षकों को कैंडल मार्च की अनुमति दिलाई।   

अतिथि शिक्षकों ने निकाला कैंडल मार्च
अतिथि शिक्षकों ने नियुक्ति की मांग को लेकर परेड ग्राउंड में धरना दिया। वही सोमवार शाम को कैंडल मार्च निकाला। पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे रोहित तिवारी भी कैंडल मार्च में शामिल हुए। शिक्षकों ने कहा कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र अमल न हुआ तो आंदोलन तेज करेंगे। कैंडल मार्च निकालने वालों में उपाध्यक्ष हरीश आर्य, महामंत्री कविंद्र कैंतुरा, गोविंद सिंह दानू, विजय पोखरियाल, सुशील, हरीश थपलियाल, हरीश चौहान आदि शामिल रहे।
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