केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों एवं सीबीएसई से जुड़े निजी पब्लिक स्कूल अब छात्रों एवं अभिभावकों पर निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ने का दबाव नहीं बना सकेंगे। सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लागू होने के बाद भी केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय एवं निजी पब्लिक स्कूलों में शिक्षक बाजार में किताबों की कमी बताकर बच्चों पर निजी प्रकाशकों की पुस्तकें थोप देते हैं।
एनसीईआरटी की ओर से 12 अप्रैल को जारी एक सूचना में कहा गया है कि सीबीएसई स्कूलों में जब एनसीईआरटी के पैटर्न से पढ़ाई होती है तो महंगी किताबें थोपकर बच्चों एवं अभिभावकों का शोषण क्यों किया जा रहा है।
एनसीईआरटी की कक्षा एक से बारहवीं तक की किताबें नि:शुल्क में ई-सीबीएसई पोर्टल पर उपलब्ध हैं। बाजार में किताबों की कमी होने पर अभिभावक सीबीएसई के पोर्टल से एनसीईआरटी की किताबें डाउनलोड करके निजी प्रकाशकों के शोषण से बच सकते हैं।