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नर्सरी दाखिले को लेकर अभिभावकों में असमंजस

Wed, 21 Dec 2016 10:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजधानी के निजी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2017-18 में नर्सरी में दाखिले के लिए गाइडलाइंस जारी कर दी गई है। लेकिन शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी इस गाइडलाइन ने अभिभावकों के सामने असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है।
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दरअसल, दाखिले के लिए यह दिशा-निर्देश उन 285 निजी स्कूलों के लिए नहीं हैं जो कि सरकारी जमीन पर बने हैं। इनके लिए शिक्षा निदेशालय दोबारा से गाइडलाइन जारी करेगा। इन्हीं स्कूलों में दाखिले के लिए सबसे ज्यादा मारामारी रहती है।

इन स्कूलों की लैंड लीड में लिखा होता है कि वह दाखिले में पड़ोस में रहने वाले बच्चों को प्रमुखता देंगे। ऐसे में अभिभावकों के सामने असमंजस यह है कि दोबारा आने वाली गाइडलाइंस अलग तो नहीं होगी या उनका शेड्यूल अलग तो नहीं होगा।
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शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को दाखिले को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए। इस बार दाखिला प्रक्रिया दो जनवरी को शुरू होगी। फिलहाल यह दिशा निर्देश उन स्कूलों के लिए है जो निजी जमीन पर बने हैं।

इनके लिए बीते साल की तरह ही दाखिले प्वाइंट के आधार पर ही होंगे। स्कूल 100 प्वाइंट फार्मूला बनाकर शिक्षा निदेशालय को भेजेंगे। स्कूलों को इसे 1 जनवरी को वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।

जिससे कि अभिभावकों को यह पता चल सके कि कहां किस मानक के लिए किसने प्वाइंट मिलेंगे। घर से स्कूल की दूरी, भाई-बहन, एलुमिनी, एकल कन्या, आदि को अपने मानकों में रख सकेंगे।

जहां तक आर्थिक पिछड़े वर्ग व वंचित वर्ग के दाखिले की बात है, तो हर साल की तरह 25 फीसदी सीटें ईडल्यूएस व डीजी श्रेणी के छात्रों के लिए रखनी होगी। एडमिशन नर्सरी डॉट कॉम प्रमुख सुमित वोहरा ने बताया कि निदेशालय ने पहली बार इस तरह से गाइडलाइंस को दो भागों में विभाजित किया है।

जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति है। वह सोच रहे हैं कि घर से दूरी वालों का क्या होगा। जिनके भाई - बहन पहले से किसी स्कूल में पढ़ रहे हैं वह भी परेशान हैं। यदि 285 स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश देर से आए तो दो जनवरी से दाखिले के लिए अभिभावक कैसे तैयार हो पाएंगे। 

निदेशालय के साथ करेंगे बैठक
नर्सरी के दिशा-निर्देश के बाद स्कूलों के सामने भी स्थिति साफ नहीं है। निजी स्कूलों की संस्था एक्शन कमेटी अध्यक्ष एसके भट्टाचार्य ने कहा कि फिलहाल अभी कुछ भी कहना मुश्किल है। जल्द ही हम शिक्षा निदेशालय के साथ बैठक करेंगे और कुछ बातों को स्पष्ट करने के लिए कहेंगे। 

आवास पते के रूप में यह दस्तावेज होंगे मान्य 
1. अभिभावक के नाम का राशन कॉर्ड
2. बच्चे व अभिभाव के नाम का डोमोसाइल प्रमाणपत्र 
3. अभिभावक का वोटर आई-कार्ड
4. बिजली का बिल, टेलीफोन का बिल, पानी का बिल,  
5. माता या पिता के नाम का आधार कार्ड

इन मानकों को फॉर्मूले में शामिल नहीं कर सकते
शिक्षा निदेशालय ने इस बार स्कूलों को पहले से ही स्पष्ट कर दिया है कि वह दाखिला फॉर्मूले में 51 ऐसे मानकों को शामिल नहीं कर सकते हैं, जिनसे अभिभावकों को परेशानी होती है।

अभिभावकों की शैक्षणिक योग्यता, कामकाजी अभिभावक, स्कूल आधारित मानक, संगीत व स्पोर्ट्स में अच्छा होना, पहली बार दाखिला पाने वाले, संयुक्त परिवार, स्पेशल क्वालिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टॉफ,  चचेरे व ममेरे पहले भाई बहन, स्थानान्तरण अभिभावकों के संगीत व खेल में राष्ट्रीय पुरस्कृत होने, अभिभावक के सामाजिक कार्य, साक्षात्कार, शपथ पत्र, ऐटीट्यूट व वैल्यू, अभिभावकों का दो से ज्यादा भाषा का बोलना, आर्थिक स्थिति, बिजनेस, बच्चे में स्पेशल विशेषता, दिल्ली का होना, दोनों अभिभावकों के प्रमाणपत्र, अभिभावकों का राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक व खेल रिकॉर्ड जैसे मानकों को दाखिले का आधार नहीं बना सकते हैं।
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