बीएड टीईटी पास शिक्षकों की भर्ती के मामले की सुनवाई अब पांच मई को होगी। इन शिक्षकों की भर्ती पर हाईकोर्ट से रोक लगी है। उप निदेशक विधि आनंद भारद्वाज ने बताया कि मामले में 17 से अधिक याचिकाएं लगी हैं।
प्रदेश में बीएड टीईटी पास प्रशिक्षित बेरोजगारों की 31 मार्च से पहले भर्ती होनी थी। शिक्षा विभाग की ओर से इसके लिए चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई थी, लेकिन इससे पहले की अभ्यर्थी स्कूलों में नियुक्ति पाते कुछ अभ्यर्थियों की याचिकाओं के चलते हाईकोर्ट से भर्ती पर रोक लग गई।
शिक्षकों की भर्ती के इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन अभी इस मामले में कोई फैसला नहीं आया। उप निदेशक विधि ने कहा कि विभाग की ओर से हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रकरण में अलग-अलग तरह की याचिकाएं लगी हैं।
अलग-अलग हैं याचिकाएं
कुछ याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती में डीएलएड को शामिल न किया जाए, वहीं डीएलएड कर चुके अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती में बीएड कर चुके अभ्यर्थियों के आवेदन शामिल न किए जाए। इसके अलावा कुछ अन्य याचिकाएं आरक्षण के पदों को लेकर हैं। उन्होंने कहा कि मामले की अगली सुनवाई पांच मई को होगी, इसी दिन मामले में कोई फैसला आ सकता है।
पूर्व सीएम ने बढ़ाए थे भर्ती के पद
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिक्षकों के भर्ती के पदों को बढ़ाकर 1200 किया था। पूर्व में शिक्षा विभाग की ओर से इससे कम पदों के लिए नियुक्ति विज्ञप्ति जारी की गई थी, जिसके विरोध में प्रशिक्षित बेरोजगार सड़कों पर उतर आए थे, लेकिन पूर्व सीएम के भर्ती के पद बढ़ाने के बाद विभाग की ओर से इसके लिए चयनित शिक्षकों की सूची जारी की गई, लेकिन मामला कानूनी दांव पेच में उलझ गया है।