आगामी सत्र से शहर के सबसे पुराने सेक्टर-11 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कालेज (जीसी-11) में अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं में भी लड़कियों को दाखिला दिया जाएगा। यूटी प्रशासन ने कालेज को कोएड करने के पर मुहर लगा दी है। कॉलेज में अब तक सिर्फ पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स में लड़कियों को एडमिशन दिया जाता था।
चंडीगढ़ में जीसी-11 में अंडर ग्रेजुएट कोर्स में सिर्फ लड़कों को एडमिशन दिया जाता था। अगले महीने से बीए, बीकॉम और बीसीए कोर्स में दाखिले के लिए लड़कियां भी आवेदन कर सकेंगी। यूटी के पूर्व एडवाइजर विजय कुमार देव ने कालेज को कोएड बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
कालेज में बीकॉम में 140 और बीए में 650 सीटें हैं। अब तक सिर्फ लड़कों को दाखिला मिलता था। लेकिन अब लड़कियों के एडमिशन के साथ ही लड़कों को नुकसान होगा। कालेज में बीपीएड और एमपीएड कोर्स के बाद एमफिल और पीएचडी की सुविधा दी गई है। कालेज स्तर पर फिजिकल एजुकेशन में पीएचडी शुरू करने वाला जीसी-11 पहला कालेज है।
एक हॉस्टल लड़कियों का होगा
जीसी-11 को कोएड करने के साथ ही अब विभिन्न कोर्स में लड़कियों की संख्या बढ़ जाएगी। कालेज के तीन हॉस्टल में से अब एक हॉस्टल लड़कियों के लिए रिजर्व कर दिया गया है। सभी विभागों को कोएड करने के कारण अगले सत्र से लड़कों के लिए हॉस्टल पाना आसान नहीं होगा।
प्रो.जेके सहगल, प्रिंसिपल जीसी-11 च़ंडीगढ़ ने बताया कि अगले सत्र से कालेज के सभी कोर्स में लड़कियों को भी मेरिट के आधार पर बराबरी का मौका मिलेगा। विभिन्न कोर्स में दाखिले का कट ऑफ पिछले सालों से 5 से 7 फीसदी अधिक बढ़ने की उम्मीद है।