भले ही मुख्यमंत्री ने पलवल व मेवात जिले के एमडीए द्वारा संचालित मेवात मॉडल स्कूलों को शिक्षा विभाग से जोड़ने का फैसला लिया हो। किन्तु अभी तक कोई प्रारूप मेवात शिक्षा विभाग के पास नहीं पहुंचा है।
सूत्र बताते हैं कि मेवात मॉडल स्कूल सीबीएसई के पेटर्न पर काम करेंगे। कुछ सुविधाऐं शिक्षकों के लिए बढ़ी हैं। यह दावा भी हो रहा है कि अभिभावक असमंजस में न रहें, उनके बच्चों को वही तालीम मुहैया कराई जायेगी जो वे पहले से लेते आ रहे हैं।
इन स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की मानें तो जो सुविधाऐं उन्हें नहीं मिलती थीं वे अब शिक्षा विभाग हरियाण से जुड़ने से मिलने लगेंगी। इन शिक्षकों ने एक धन्यवाद पत्र भी मुख्यमंत्री मनोहरलाल को भेजा है। कई दिनों से अभिभावक चिंता में हैं कि उनके बच्चों का भविष्य इस फैसले से अंधकार में तो नहीं चला जाएगा।
पिछले चार दिनों में बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूलों में जाकर प्रबंधन कमेटियों से मिले हैं। उन्हें यही तसल्ली दी जा रही है कि स्कूली शिक्षा उसी तर्ज पर चलेगी जैसे पहले होती आ रही है। सीएम के इस फैसले का सामाजिक संगठन आरटीआई मंच, जागो चलो, तालीम केयर मुहिम ने स्वागत किया है।
विधायक जाकिर हुसैन का कहना है कि प्रदेश शिक्षा विभाग के जुड़ने से स्कूलों की गुणवत्ता पर कोई असर नहीं पडे़गा। मेवात मॉडल स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन कई महीनों तक नहीं मिलता था।
कम से कम वह अब हर महीने मिलने लगेगा। साथ में मेडिकल क्षतिपूर्ति, एलटीसी टूर, शिक्षा भत्ता मिलने से ये अध्यापक लगन के साथ पढ़ाई कराऐंगे और बीच में नौकरी छोड़कर जाने वाली समस्या भी हल होगी।
जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार शास्त्री ने फोन पर बताया कि इसी सप्ताह मुख्यमंत्री ने एमडीए के सभी स्कूलों को हरियाणा शिक्षा विभाग से जोड़ने का ऐलान एमडीए की बैठक में किया है। ये स्कूल किस हिसाब से कार्य करेंगे अभी तक कोई प्रारूप हमें प्राप्त नहीं हुआ है।