बजट पेश करते वक्त मनीष सिसोदिया
- फोटो : विवेक निगम/अमर उजाला, नई दिल्ली
विश्वविद्यालय और कॉलेज कोर्स या सीट के आधार पर विस्तार की बजाय दिल्ली की जरूरतों के हिसाब से उच्च तकनीकी शिक्षा में विस्तार की योजना बनाएं। इस विस्तार में उन्हें तमाम तरह की मंजूरी लेने के लिए सरकारी व्यवस्था की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
हालांकि, अब उन्हें यह परेशानी नहीं होगी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बृहस्पतिवार को यह बात इंदिरा गांधी दिल्ली महिला तकनीकी विश्वविद्यालय (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) के तीसरे स्थापना दिवस समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए कही।
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में 12वीं कक्षा पास करने वाले करीब डेढ़ लाख छात्रों को दिल्ली में उच्च तकनीकी शिक्षा में दाखिला नहीं मिल पाता है। अब सवाल उठता है कि अन्य डेढ़ लाख छात्रों को कहां दाखिला दिया जाए।
इन बच्चों के भविष्य को देखते हुए कॉलेज या विश्वविद्यालय अपना विस्तार करें और खाली पड़े माल्स के फ्लोर या फिर निजी स्कूलों की बिल्डिंग दूसरी शिफ्ट में किराये पर लेकर कक्षाएं चला सकते हैं। जरूरत पड़ेगी तो दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों के भवन भी किराये पर देगी। बेटियों को तकनीकी शिक्षा दिलाने में विश्वविद्यालय की मदद सरकार भी करेगी।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने टेक्नो बिजनेस एजुकेशन सेंटर का उद्घाटन भी किया। सिसोदिया ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की छात्राओं द्वारा तैयार फार्मूला कार की टेस्ट ड्राइव ली। इससे पहले कुलपति प्रो. नुपुर प्रकाश ने विश्वविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी और बताया कि बी-टेक के साथ विश्वविद्यालय में एम-टेक और पीएचडी में पढ़ाई करवाई जा रही है।