देशद्रोह के मामले में आरोपी जेएनयू के छात्र उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य ने भी अपने निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उन्होंने जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया व अन्य के समान राहत प्रदान करने का आग्रह किया है। अदालत ने कन्हैया व अन्य के निलंबन पर रोक लगा रखी है।
न्यायमूर्ति मनमोहन के समक्ष दायर याचिका में दोनों ने जेएनयू प्रशासन द्वारा उनके निलंबन को गलत बताया है। उन्होंने तर्क रखा कि उन्हें बिना मौका प्रदान किए जेएनयू उपकुलपति ने निलंबित किया है। उमर खालिद व अनिर्बन भट्टाचार्य ने कन्हैया व अन्य के फैसले को चुनौती दी थी।
जिस पर अदालत ने जेएनयू प्रशासन व अन्य से जवाब मांगा था और मामले की सुनवाई 30 मई तय थी। इसी बीच दोनों ने नए सिरे से याचिका दायर कर राहत मांगी है। अदालत ने 13 मई को दिए फैसले में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार सहित अन्य छात्रों के निलंबन व जुर्माने पर सशर्त रोक लगा दी थी।
अदालत ने उन्हें अपने निलंबन व जुर्माने संबंधी उच्चाधिकार कमेटी की सिफारिश व निर्णय को संबंधित जेएनयू अथारिटी के पास अपील करने का निर्देश दिया था। अदालत ने यह रोक छात्रों द्वारा भूख हड़ताल खत्म करने के आश्वासन पर लगाई थी।