22 मई को आयोजित होने जा रही जेईई एडवांस परीक्षा में कई सावधानियां बरतने की जरूरत होती है। छात्रों को चाहिए कि वह अपना आत्मविश्वास बनाकर परीक्षा में बैठें क्योंकि इसका पैटर्न जेईई मेंस की तुलना में काफी अलग होता है।
इन बातों का रखें ख्याल
जेईई मेंस में चार विकल्पों में से सिर्फ एक जवाब सही का पैटर्न यहां जुदा होता है। हो सकता है कि एक ही सवाल के तीन विकल्प सही हों। ऐसे में यदि छात्र ने दो विकल्प भर दिए और तीसरे से चूक गया तो उसे अंक नहीं मिलेंगे। इस लिहाज से सवाल हल करते वक्त ध्यान जरूर रखें।
पैराग्राफ आधारित सवाल आते हैं, जिसमें एक पूरा पैरा दिया होता है जिसके आधार पर सवाल हल करने होंगे। कई बार छात्र यह सोचते हैं कि इतना बड़ा पैरा है, इसे पढ़ने में काफी समय लगेगा। जबकि इसे गंभीरता से पढ़ने पर इसमें कई सवालों के हल निकालने आसान होते हैं।
जेईई मेंस की तुलना में जेईई एडवांस परीक्षा में सरप्राइज फैक्टर भी अहम होता है। यानी गत वर्ष के पैटर्न में कुछ न कुछ बदलाव सामने आता है। इसलिए अभ्यर्थियों को चाहिए कि वह प्रश्न पत्र में दिए गए निर्देशों को बहुत अच्छी तरह से जरूर पढ़ लें। यह भी देख लें कि नेगेटिव मार्किंग है या नहीं।
जेईई एडवांस में एक सवाल में कई कांसेप्ट मिले हो सकते हैं। अगर उस कांसेप्ट को पढ़ लें तो सवाल काफी आसान होता है। अगर बोर्ड में वह सवाल एक-एक अंक का आता है तो हो सकता है कि यहां चार अंकों का आ जाए।
अगर पहला पेपर खराब हो गया है तो इससे घबराएं नहीं। आप दूसरे पेपर से इसमें सुधार कर सकते हैं। अगर पहले पेपर में मैथ्स सही नहीं कर पाए तो दूसरे पेपर में जरूर ध्यान रखें। कई बार फिजिक्स व केमिस्ट्री में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले छात्र मैथ्स में कटऑफ तक न जाने की वजह से चयनित होने से रह जाते हैं।
(बलूनी क्लासेज के एमडी विपिन बलूनी के मुताबिक)