कॉलेजों के नए सत्र में केवल प्रथम वर्ष में छात्रों का दाखिला ऑनलाइन होगा। दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों को मैन्युअल तरीके से दाखिला दिया जाएगा। केवल उन्हें अपना रोल नंबर बताना होगा। कॉलेज से फॉर्म मिलेगी, उसे भरकर जमा करना होगा। इससे छात्रों को काफी सहूलियत होगी।
इस बाबत उच्चतर शिक्षा विभाग ने फैसला किया है। पिछले वर्ष उच्चतर शिक्षा विभाग ने सभी वर्ष के छात्रों के लिए ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया का प्रावधान किया था। बाद में पोर्टल खोले थे, जिससे छात्रों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
इसे लेकर अलग-अलग कॉलेजों के प्रिंसिपलों की राय जुदा थी। नए सत्र शुरू होने से पहले ही इस समस्या को लेकर उच्चतर शिक्षा विभाग अभी से तैयारी शुरू कर दी है। उच्चतर शिक्षा विभाग का मानना बीते दो वर्ष से कॉलेजों में ऑनलाइन दाखिला प्रक्रिया चल रही है।
इससे सभी कॉलेजों के छात्रों का डाटा संबंधित यूनिवर्सिटी, कॉलेज और विभाग के पास है। ऐसे में छात्रों से फॉर्म भरवाना या ऑनलाइन आवेदन कराना मुनासिब नहीं है। कॉलेज काउंटर पर ही इसकी व्यवस्था की जाएगी, जिससे छात्रों को कॉलेज में आकर अपना रोल या रजिस्ट्रेशन नंबर बताए और सीधे फीस जमा कराकर दाखिला करा लें। बता दें कि पिछले वर्ष दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों का ऑनलाइन दाखिले से सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन और फीस को लेकर दिक्कतें हुई थी।
उच्चतर शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर अरुण जोशी का कहना है कि एक ही काम को बार-बार कराना ठीक नहीं है। वो कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र है। हर सेमेस्टर में प्रमोशन का प्रावधान है। ऐसे में उन्हें सीधे दाखिला दिया जा सकता है। यूनिवर्सिटी नॉम्र्स के अनुसार दाखलि देने के लिए कॉलेजों से ट्रेनिंग में कहा जा चुका है।म