प्रशिक्षुओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और पेपर चेक करने वाले प्राध्यापकों पर भेदभाव करने और लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
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हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर की दिसंबर माह में आयोजित वार्षिक परीक्षाओं में बी-फार्मेसी के एक दर्जन से अधिक प्रशिक्षुओं को एक भी अंक नहीं मिला। हालांकि, उनका कहना है कि उन्होंने मेहनत करके वार्षिक परीक्षाएं दी हैं। इस लिहाज से जीरो नंबर का तो सवाल ही नहीं उठता।
प्रशिक्षुओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और पेपर चेक करने वाले प्राध्यापकों पर भेदभाव करने और लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। यूनिवर्सिटी ने दिसंबर-जनवरी माह में पहले, तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर की वार्षिक परीक्षाओं का संचालन किया था।
जिन पंद्रह प्रशिक्षुओं को जीरो नंबर आए हैं, वह बी-फार्मेसी तीसरे सेमेस्टर के हैं। कम अंक देखकर बी-फार्मेसी के प्रशिक्षु भड़क गए हैं। परीक्षा में फेल प्रशिक्षुओं ने सोमवार को हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर पहुंचकर विवि के कुलपति को एक ज्ञापन सौंपा।
प्रशिक्षुओं ने कहा कि उनका पेपर बेहतर हुआ था, लेकिन मूल्यांकन के बाद जीरो नंबर समझ से परे हैं। उन्होंने कुलपति से दोबारा पेपर की चेकिंग करवाने की मांग की है।
बी-फार्मेसी तीसरे सेमेस्टर के करीब पंद्रह प्रशिक्षुओं ने मूल्यांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। प्रशिक्षुओं को तीन दिन का समय दिया है। किसी दूसरे प्राध्यापकों से पेपरों की चेकिंग करवाई जाएगी। फिलहाल गलती की गुंजाइश कम है।-प्रो. वीपी पटियाल, परीक्षा नियंत्रक, हिप्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर।