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एचपी यूनिवर्सिटी परिसर में लीजिए फ्री इंटरनेट की सुविधा

Tue, 15 Mar 2016 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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कैंपस में चार सौ इंटरनेट नोड लगाए गए हैं। इससे विवि के 38 भवनों को इंटरनेट सुविधा से जोड़ दिया गया है।
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। विवि कैंपस, छात्रावास और गेस्ट हाउस मुफ्त इंटरनेट सुविधा से लैस हो गया है। एक मार्च से ट्रायल पर शुरू इस सुविधा का कुलपति ने सोमवार को विधिवत शुभारंभ कर दिया।
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इस सुविधा को शुरू करने के लिए पूरे विश्वविद्यालय परिसर में की गई इंटरनेट नेटवर्किंग के बाद हर छात्रावास और कैंपस में करीब चार सौ इंटरनेट यूज प्वाइंट उपलब्ध करवाए गए हैं, जिससे छात्र अपने लैपटॉप का इस्तेमाल कर मुफ्त इंटरनेट सर्फिंग कर सकते हैं।

केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय से 2012 में मंजूर हुई करीब 62 लाख की ग्रांट से इस प्रोजेक्ट को पूरा किया गया है। इसमें 25 फीसदी की राशि एचपीयू ने खर्च की है। 2012 में मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी।
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केंद्र के नेशनल मिशन ऑन एजूकेशन इनफारमेशन कम्युनिकेशन (एनएमईआईसीटी) योजना के तहत पूरे कैंपस में लोकल एरिया नेटवर्क के तहत आठ किलोमीटर में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का कार्य किया गया है। यह कार्य सीधे बीएसएनएल को दिया गया था।

इसके बाद कैंपस में चार सौ इंटरनेट नोड लगाए गए हैं। इससे विवि के 38 भवनों को इंटरनेट सुविधा से जोड़ दिया गया है। इनमें सभी 14 छात्रावास भी शामिल हैं। वीसी प्रो. एडीएन वाजपेयी ने कहा कि अब छात्र अपने शोध और पढ़ाई में मुफ्त में इंटरनेट सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे।

यहां भी उपलब्ध रहेगी मुफ्त इंटरनेट सुविधा
विवि के न्यू सीओई भवन, गेस्ट हाउस, मैनेजमेंट ब्लॉक के एचपीयू  बिजनेस स्कूल, न्यू बायोटैक भवन, यूआईआईटी भवन में भी सुविधा रहेगी।

वाईफाई सुविधा का 75 फीसदी कार्य हुआ पूरा
कैंपस में मुफ्त इंटरनेट सुविधा को आप्टिकल फाइबर बिछ जाने के साथ ही वाई फाई सुविधा के तकरीबन एक करोड़ के प्रोजेक्ट का 75 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। उपकरणों की खरीद और स्थापित करने का कार्य भी पूरा होने पर कैंपस वाई फाई सुविधा से जुड़ जाएगा।  

ये थी प्रोजेक्ट की टीम
एचपीयू नेटवर्किंग कमेटी के इंचार्ज धीरेंद्र शर्मा ने बताया कि प्रोजेक्ट एमसी से लाइन बिछाने को अनुमति मिलने में देरी होने से कुछ लेट हुआ। प्रोजेक्ट में यूआईआईटी निदेशक प्रो. मनू सूद, कंप्यूटर सेंटर इंचार्ज मुकेश कुमार, डीएस सहित डीन फैकल्टी  इंजीनियरिंग प्रो. नीरजा शर्मा सहित प्रदेश सरकार के आईटी विभाग के संयुक्त सचिव राजीव शर्मा, एनआईसी एसओई ने भी सहयोग किया।
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