डीएवी कॉलेज में बुधवार दोपहर तलवारें, सरियों और पाइपों से लैस एबीवीपी और एनएसयूआई के दो गुट आमने-सामने हो गए। गनीमत यह रही कि खून-खराबे से पहले ही मौके पर मौजूद पुलिस ने लाठी चार्ज करके हिंसक छात्रों को खदेड़ दिया।
घटना के पीछे, छात्र संघ के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान छात्र संगठनों के बीच 11 मार्च को हुए विवाद को कारण माना जा रहा है। लाठी चार्ज में कई छात्र नेताओं को चोटें आईं हैं।
देर शाम डालनवाला पुलिस ने एबीवीपी, एनएसयूआई, आर्यन के 14 छात्र नेताओं के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर धर-पकड़ के लिए आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी।
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक बुधवार को डीएवी पीजी कॉलेज में एनएसयूआई के कुछ नेता अपने साथ हथियार लेकर पहुंचे थे। मकसद था पुरानी रंजिश के तहत एबीवीपी कार्यकर्ताओं की धुनाई।
दिन दहाड़े फिल्मी स्टाइल में नंगी तलवारें लहराते रहे कार्यकर्त्ता:
जैसे ही एबीवीपी के नेताओं को इसकी भनक लगी तो वे भी हाथ में तलवार, लाठी और डंडे लेकर कॉलेज की ओर दौड़ पड़े।
दिन दहाड़े फिल्मी स्टाइल में नंगी तलवारें लहराते, हिंसक हो रहे छात्रों को देखकर पहले से मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ पांव फूल गए।
मौके की नजाकत देखते हुए पुलिस ने उत्पाती छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया। जो परिसर में मिला, उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। कई छात्र नेताओं को चोटें भी आई। पुलिस का यह रूप देखकर उग्र छात्र वहां से भाग खड़े हुए।
आसपास दहशत का माहौल पैदा हो गया। कुछ छात्र नेता जान बचाकर आसपास की दुकानों में घुस गए। पुलिस ने परिसर खाली करा दिया। एबीवीपी के कुछ नेताओं को चोटें आई हैं।
पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज:
डालनवाला कोतवाली प्रभारी नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि पुलिस की ओर से बलवा, आर्म्स एक्ट में पारस गोयल, मुकेश बिष्ट, राकेश नेगी, समीर कुमार, सूरज रावल, कपिल शर्मा, अतुल, विनीत भट्ट, विकास नेगी, विपिन गौड़, नित्यानंद, शूरवीर चौहान, आकाश गौड़, भगवती प्रसाद व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि तलवार, रॉड आदि सभी हथियार मौके से पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। देर रात पुलिस ने दबिश शुरू कर दी।
गौरतलब है कि 11 मार्च को छात्र संगठनों के बीच जमकर मारपीट हुई थी । मूल विवाद के पीछे छात्र संघ कोष में अटकी कुछ धनराशि को कारण बताया जा रहा है।