एडवाइजर परिमल राय ने कहा कि चंडीगढ़ रीजन को नॉलेज हब और सॉफ्ट सिटी के रूप में डेवलप करना है। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को इस तरह ट्रेंड कीजिए कि वह नौकरी देने वाला बने न कि नौकरी मांगने वाला। परिमल राय शनिवार को चंडीगढ़ रीजन इनोवेशन एंड नॉलेज कलस्टर (सीआरआईकेएस) इंस्टीट्यूशंस के प्रतिनिधियों से बातचीत करने सेक्टर-39 स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबायल टेकभनोलॉजी (इमटेक) पहुंचे थे।
यहां पहुंचने पर पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. अरुण ग्रोवर ने उनका पुष्प गुच्छ से स्वागत किया। साथ ही सीआरआईकेएस के महत्व को बताया। इस मीटिंग का उद्देश्य एडवाइजर को सीआरआईकेएस की विस्तृत जानकारी देना था। वीसी ने बताया कि सीआरआईकेएस चंडीगढ़ में बेहतर रिसर्च को बढ़ावा दे रहा है।
सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों से संबंधित जानकारियां एडवाइजर को दी। एडवाइजर परिमल राय ने सभी संस्थानों के प्रयास को सराहा। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स में एंटरप्रिन्योरशिप स्किल्स को विकसित किया जाना चाहिए। स्टूडेंट्स के दिमाग में रिस्क लेने की योग्यता शुरुआती दौर में विकसित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन इस तरह के कार्यों में संस्थानों की पूरी मदद करेगा। राय ने कहा कि रिसर्चर केएंटरप्रेन्योर बनाने, इंडस्ट्री रिसर्चर की मदद लेने की जरूरत पैदा होनी चाहिए। समाज की बेहतरी के लिए रिसर्चर और एंटरप्रेन्योर का संबंध बेहद जरूरी है। इस मीटिंग में डायरेक्टर हायर एजुकेशन जितेंद्र यादव, डायरेक्टर इमटेक डा. रविंद्र सिंह जौली, सीआरआईकेएस कोआर्डिनेटरर्स प्रो. एसके मेहता, प्रो. एमएम गुप्ता, डायरेक्टर पीयू रिसर्च प्रमोशन सेल प्रो. ओपी कटारे और प्रो. रुपिंद्र तिवारी भी मौजूद रहे।