प्राइवेट स्कूल किस कदर निरंकुश हो गए हैं, उसका उदाहरण यह है कि अब उन्हें शिक्षा अधिकारी का भी भय नहीं है। खंड शिक्षा अधिकारी ऐसे स्कूलों की शिकायत शिक्षा निदेशक से करेंगे।
असल में हरियाणा सरकार मेवात इलाके में शिक्षा को बढ़ावा देने के मकसद से ढेरों योजनाओं को चला रही है।
वहीं दूसरी ओर सरकार तथा शिक्षा विभाग के निमयों को ताक पर रखकर कुछ प्राइवेट स्कूल संचालक अभिभावकों से फीस के नाम पर मनचाहा पैसा वसूलने में लगे हुए हैं। यही नहीं आरटीई निमय को ताक पर रखकर कुछ स्कूल संचालक तो बीपीएल परिवारों से भी फीस वसूलने से बाज नहीं आ रहे।
जबकि आरटीई नियम के मुताबिक बीपीएल परिवार के बच्चों का प्राइवेट स्कूलों में दाखिला नि:शुल्क किया जाता है। इस बारे में शिक्षा विभाग ने ऐसे स्कूलों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
खंड शिक्षा अधिकारी सूगर सिंह ने बताया कि सरकार तथा शिक्षा विभाग के दिशा निर्देश अनुसार इस क्रम में शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूल संचालकों को नोटिस भेजा और उनसे जवाब मांगा कि उन्होंने किस-किस मद में कितनी फीस बढ़ाई है। लेकिन उन प्राइवेट स्कूलों ने संतोषजनक जवाब दाखिल नहीं किया है। इसकी शिकायत शिक्षा विभाग के निदेशक को भेजी जाएगी और इन पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि फिरोजपुर झिरका शहर सहित आस-पास के इलाकों में चल रहे प्राइवेट स्कूलों में नए सत्र का दाखिला किया जा रहा है। नए सत्र में दाखिले के लिए ज्यादातर प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों से पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक दाखिला कराने के लिए अच्छी खासी रकम वसूली जा रही है।
इसके अतिरिक्त स्कूल की वर्दी, किताब और अन्य जरूरी चीजों के लिए अभिभावकों को बाहरी दुकानों से सामान खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ जिला शिक्षा विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं करना चिंता का विषय है। अभिभावकों का कहना है कि इसकी शिकायत कई बार जिला शिक्षा विभाग को की जा चुकी है। लेकिन उनकी समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।