प्रदेश की एकेटीयू में पहली बार की गई जांच में 20 हजार से अधिक शिक्षक फर्जी निकले हैं। इस कार्रवाई से जिले के कई कॉलेज प्रबंधकों की नींद उड़ी हुई है। चूंकि नोएडा-ग्रेटर नोएडा के कई कॉलेजों फर्जी शिक्षकों के होने की चर्चा है। दरअसल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 150 से अधिक शिक्षण संस्थान एकेटीयू से संबद्घ है और अधिकतर ऐसे कॉलेज हैं जो अपनी साख बचाने के लिए फर्जी शिक्षकों को रखकर मान्यता बचा रहे हैं।
एकेटीयू की तर्ज पर सीसीएस में जांच की मांग
एकेटीयू ने जिस तरह कॉलेजों में फर्जी शिक्षकों का भंडाफोड़ किया है। इसी तरह चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) से संबद्ध कॉलेजों की जांच कराने की मांग करते हुए प्रवीण भारतीय करप्शन फ्री इंडिया संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सीसीएस के कुलपति को पत्र भेजा है।
उन्होंने पत्र में कहा है कि यदि सीसीएस में जांच हुई तो कॉलेजों में फर्जी शिक्षकों की संख्या दोगुना तक पहुंच जाएगी। वहीं रिटायर्ड प्रोफेसर गिरीराज सिंह कहते हैं कि इस तरह शिक्षण संस्थानों में शिक्षक ही फर्जी पाए जा रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक बात है। इसी तरह चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी को भी कॉलेजों में शिक्षकों की जांच करानी चाहिए। जिससे वहां का सच भी सामने आ सके।