दून विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से किसी भी तरह के घेराव, आंदोलन, मीडिया कॉलिंग, प्रदर्शन और धरने पर प्रतिबंध लगाने के विरोध में तीसरे दिन भी छात्रों का आंदोलन जारी रहा। छात्रों ने विवि के प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दी।
पुलिस ने पहुंचकर आंदोलन वापस लेने की अपील की लेकिन छात्र नहीं माने। अब विवि प्रशासन ने छात्रों से ज्ञापन मांगा है जबकि छात्रों का कहना है कि वह बिना कुलपति से वार्ता किए आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
दून विवि ने नए सत्र की दाखिला प्रक्रिया के लिए प्रकाशित किए गए प्रॉस्पेक्टस में किसी भी तरह के आंदोलन और इसके लिए मीडिया को बुलाने, बाहरी छात्र संगठनों को बुलाने पर कड़ा प्रतिबंध लगाने की सूचना प्रकाशित कर दी। इसके विरोध में दो दिन से छात्र आंदोलन कर रहे हैं। विवि के कुलपति प्रो. वीके जैन शहर से बाहर हैं।
कुलपति से वार्ता पर अड़े छात्र
बुधवार को भी आंदोलन के तीसरे दिन भारी संख्या में छात्रों ने विवि के प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दी। छात्रों ने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल संभालने के लिए मौके पर पुलिस पहुंची लेकिन छात्र नहीं माने। विवि प्रशासन ने सभी मांगे लिखित में मांगी तो छात्र लिखित में ज्ञापन देने को तैयार तो हो गए लेकिन उनका कहना है कि वह किसी भी कीमत पर कुलपति से वार्ता किए बिना नहीं मानेंगे।
विवि के अधिकारियों के मुताबिक चूंकि अभी कुलपति शहर से बाहर हैं, लिहाजा जैसे ही वह विवि पहुंचेंगे तो छात्रों से वार्ता करेंगे। विवि के अधिकारियों के मुताबिक यह अनुशासन का मामला है, जो भी संभव होगा वार्ता के बाद हल निकाल दिया जाएगा। छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहेगा।
एसएफआई ने दिया छात्रों का समर्थन
दून विवि में चल रहे छात्र आंदोलन को स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया ने समर्थन दे दिया है। बुधवार को हुई बैठक में राज्य सचिव देवेंद्र सिंह रावल ने कहा कि दून विवि ने छात्रहितों तथा छात्र अधिकारों का हनन किया है, जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।