जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के वर्ष 1984 के सिख नरसंहार पर दिए गए विवादित बयान का विरोध होना शुरू हो गया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इस बयान के विरोध व वामपंथियों और कांग्रेस के गठजोड़ के विरोध में नॉर्थ कैंपस स्थित आर्ट्स फैकल्टी में प्रदर्शन किया। इस बयान पर नाराजगी जताते हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कन्हैया का पुतला भी फूंका। प्रदर्शन में डीयू के विभिन्न कॉलेज के छात्रों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों को संबोधित करते हुए एबीवीपी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक साकेत बहुगुणा ने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि आज वामपंथी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता बन गए हैं और इस प्रकार के बयानों से सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य जसप्रीत सिंह माटा ने इस बयान को सिख समुदाय का अपमान बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जाँच समितियों में दोषी कांग्रेसी नेता जगदीश टाइटलर, सज्जन कुमार व एचकेएल भगत की भूमिका पर वामपंथियों का क्या रुख है। प्रदर्शन में छात्रों के साथ-साथ डूसू अध्यक्ष सतेंद्र अवाना, उपाध्यक्ष सुन्नी डेढ़ा, सहसचिव छत्रपाल यादव, एबीवीपी दिल्ली प्रदेश मंत्री सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।