तकरीबन तीन ट्रिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी संपत्तियों पर हैकिंग का खतरा है। ये हैकिंग क्वांटम कंप्यूटरों के जरिए की जा सकती है। ये बात एक वेबीनार में कही गई। एक क्रिप्टोकरेंसी निवेशक ने इस आशंका को लेकर दुनिया को आगाह किया। वेबीनार का आयोजन वेबसाइट एशिया टाइम्स की तरफ से किया गया था। उसमें चीन की सिंगहुआ यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर जिनताओ डिंग ने इस संभावित हैकिंग के बारे में एक प्रेजेंटेशन रखा। उन्होंने कहा कि बिटकॉइन के हैकरों के लिए सबसे अच्छी बात यह है कि इसकी हैकिंग करना गैर-कानूनी नहीं है। जिनताओ अमेरिकी नागरिक हैं।
एशिया टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक क्रिप्टो विश्लेषक पिछले कुछ समय से क्वांटम कंप्यूटरों के जरिए हैकिंग की चेतावनी देते रहे हैं। पिछले सितंबर में विश्लेषक झियुआन सुन ने लिखा था- क्वांटम कंप्यूटिंग के विकास के साथ जल्द ही सरकारों को बिटकॉइन और दूसरी क्रिप्टोकरेंसियों पर कार्रवाई करने का उपकरण मिल जाएगा। तब संभवतः सरकारें डिजिटल करेंसियों के इन्क्रिप्शन (गोपनीय कोड) को तोड़ने और इनके नेटवर्क पर कार्रवाई करने में सक्षम हो जाएंगी।
सुन ने कहा था कि क्रिप्टोकरेंसियों से जितना नापसंद चीन सरकार करती है, उतनी दुनिया की कोई दूसरी सरकार नहीं कहती। चीन अपने यहां क्रिप्टोकरेंसियों की ट्रेंडिंग को प्रतिबंधित कर चुका है। अब जिनताओ ने इन मुद्राओं की संभावित हैकिंग के बारे में और विस्तृत और नई जानकारी दी है। उन्होंने कहा, ‘हमारी आधुनिक सूचना प्रणाली पूरी तरह से क्रिप्टोग्राफी पर निर्भर करती है। लेकिन अगर किसी के पास क्वांटम कंप्यूटर है, तो उससे हमारी वो पूरी सूचना प्रणाली खत्म हो जाएगी, जिस पर हमारे सिक्युरिटी सोल्यूशन निर्भर हैं।’
जिनताओ ने कहा कि आज की इन्क्रिप्शन विधियों को तोड़ने में क्वांटम कंप्यूटर सक्षम होंगे। इसलिए क्रिप्टो के कारोबार से जुड़े तमाम लोगों को मिल कर इसका समाधान ढूंढना चाहिए। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसा करना एक कठिन काम होगा। वेबीनार में विशेषज्ञों ने बताया कि अभी की इन्क्रिप्शन विधियां आरएसए स्टैंडर्ड पर निर्भर हैं। ये स्टैंडर्ड 1994 में अस्तित्व में आया था। यह अब तक गोपनीयता को कायम रखने में सक्षम रहा है। लेकिन असीमित मात्रा में संख्याओं की तुरंत प्रोसेसिंग करने में क्वांटम कंप्यूटर इन्हें तोड़ने में सफल हो जाएंगे।
जिनताओ के मुताबिक, मुमकिन है कि अभी ही कुछ लोग ऐसी हैकिंग करने में सक्षम हो चुके हों। उन्होंने कहा कि बिटकॉइन या दूसरी क्रिप्टोकरेंसियां ब्लॉकचेन नाम की टेक्नोलॉजी पर निर्भर हैँ। उन्होंने बिटकॉइन की व्याख्या करते हुए बताया- बिटकॉइन के मालिक आप नहीं होते। मालिक एक निजी कुंजी (प्राइवेट की) होती है। अब आप पैसा देते हैं, तो आपको वह कुंजी मिल जाती है। जो पता आपको बताया जाता है, वह एक पब्लिक कुंजी का छोटा रूप होता है। यह कुंजी गोपनीय रहती है। ये गोपनीयता टूट जाए, तो फिर आपकी पूरी रकम खतरे में पड़ जाएगी।
विशेषज्ञों ने बताया कि बिटकॉइन खरीदने वाले व्यक्ति का नाम या उसकी पहचान संख्या उसके बिटकॉइन एकाउंट से नहीं जोड़ी जाती है। कोई उस सिक्के का मालिक है, इसका एकमात्र प्रमाण प्राइवेट कुंजी है। इस कुंजी की हैकिंग को रोकने वाला कोई कानून अभी मौजूद नहीं है। इसलिए इसकी हैकिंग करने वाले लोग आराम खबरों डॉलर का चूना लगा सकने की स्थिति में होंगे।