चीन से शुरू हुई थी चाय पीने की परंपरा
अब जरा चाय की खोज के बारे में जानते हैं। चाय के अविष्कार से जुड़ी कहानी चीन से जुड़ी है। कहा जाता है कि चीन के राजा शैन नुंग के सामने गरम पानी का प्याला रखा गया था, उसमें चाय की पत्तियां आकर गिर गईं और पानी का रंग बदलने लगा।
राजा इसे देखकर अचरज से भर गए और उन्होंने कौतुहलवश उस पानी को पिया। जब राजा शैन नुंग ने उस पानी को पिया तो उन्हें स्वाद बड़ा ही अच्छा लगा। इस तरह चीन से होते हुए चाय ग्लोबल बन गई।
भारत में चाय अंग्रेजों की देन
हालांकि, इसे भारत में अंग्रेज लेकर आए, लेकिन आज चाय का रंग पूरी तरह भारतीय हो गया है। यह हमारी संस्कृति में रच बस गई है। वैसे दुनिया पर भी चाय का रंग खूब चढ़ा, तभी तो हर साल 15 दिसंबर को 'इंटरनेशल टी डे' के रूप में मनाया जाता है।
अब जिस चाय की चर्चा आज पूरी दुनिया में हो रही है, उसमें कुछ तो खास होगा। इसके कई फायदे भी हैं: आइए जानते हैं इसके लाभ और कई अन्य प्रयोग। मतलब चाय एक स्वादिष्ट पेय पदार्थ के साथ ही कई अन्य प्रकार के प्रयोगों में भी काम आती है।