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एजीआर भुगतान के दबाव में दूरसंचार कंपनियां फिर से बढ़ा सकती हैं कॉल दरें, आपकी जेब पर पड़ेगा असर

Sat, 15 Feb 2020 03:51 AM IST
योगेश साहू बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि एजीआर भुगतान के दबाव को कम करने के लिए कंपनियां अपने प्रीपेड टैरिफ में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो जियो, एयरटेल और वोडा-आइडिया तीनों के ही प्रीपेड प्लान आने वाले समय में महंगे हो सकते हैं। 
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विस्तार
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दूरसंचार विशेषज्ञों का भी अनुमान है कि एजीआर का भुगतान करने के लिए मोबाइल कंपनियां रिचार्ज शुल्क में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी कर सकती है। यह दो महीने के अंदर दूसरी बढ़ोतरी होगी। अगर कंपनियां टैरिफ बाउचर में 10 फीसदी भी इजाफा करती हैं, तो इससे उन्हें अगले 3 वर्षों में 35 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।
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एक्यूट रेटिंग्स एंड रिसर्च ने अनुमान जताया है कि कंपनियां अपने भुगतान का बोझ ग्राहकों पर डाल सकती हैं और आने वाले समय में टैरिफ में एक बार फिर 20 से 25 फीसदी तक इजाफा हो सकता है। इससे पहले 1 दिसंबर, 2019 से कंपनियों ने अपने बिल में 50 फीसदी तक बढ़ोतरी की थी। साथ ही ग्राहकों को मिलने वाली कई तरह की सुविधाओं को भी खत्म कर दिया था।
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बढ़ोतरी से प्लान पर होगा इतना असर : टैरिफ में 25 फीसदी बढ़ोतरी होने पर जियो का मौजूदा 149 रुपये का प्लान 186 रुपये का हो जाएगा। इसी तरह, एयरटेल का 219 रुपये का प्लान बढ़कर 273 रुपये, वोडा आइडिया का 199 वाला प्लान 248 रुपये का हो जाएगा। ब्यूरो

सुप्रीम फैसले से वोडा आइडिया पर बढ़ेगा सबसे ज्यादा संकट
परामर्श फर्म कॉम फर्स्ट इंडिया के निदेशक महेश उप्पल ने कहा, इसमें कोई संदेह नहीं है कि यह भारतीय दूरसंचार क्षेत्र के लिए बुरी खबर है। खासतौर पर वोडा आइडिया के लिए परिस्थितियां पहले के मुकाबले बेहद संवेदनशील हैं, जिसे एजीआर के रूप में सबसे ज्यादा 53 हजार करोड़ चुकाने हैं। कंपनी में 45.39 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली ब्रिटिश इकाई वोडाफोन के सीईओ निक रीड ने पिछले सप्ताह कहा था कि एजीआर के बाद भारत में स्थितियां काफी जटिल हो गई हैं और परिचालन मुश्किल हो रहा है।

मौजूदा हालात में कंपनी के पास बचे हैं चार विकल्प

  • 1 : सरकार से वित्तीय मदद की गुहार लगाए, जिसका कंपनियां विरोध करेंगी।
  • 2 : दोनों भागीदारों आदित्य बिड़ला और वोडफोन से निवेश मांगे जो मौजूदा हालात में मुश्किल दिख रहा।
  • 3 : कंपनी को रिलायंस या एयरटेल को बेचने या विलय की पेशकश करे।
  • 4 : आखिरी विकल्प के रूप में कंपनी दिवालिया समाधान प्रक्रिया को अपनाने का फैसला करे।

वोडा-आइडिया के शेयर 23% गिरे, निवेशकों के 2,988 करोड़ डूबे

एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद वोडा आइडिया लिमिटेड के शेयरों 23 फीसदी की गिरावट आई। कंपनी ने बृहस्पतिवार को दिसंबर तिमाही में 6,438 करोड़ रुपये के घाटे का खुलासा किया था, जिसका भी निवेशकों पर असर पड़ा। बीएसई पर कंपनी के शेयर 23.21 फीसदी गिरकर 3.44 रुपये प्रति इकाई के भाव पर आ गए।

वहीं, एनएसई पर 22.22 फीसदी गिरावट के साथ 3.50 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ। इससे कंपनी का बाजार पूंजीकरण 2,988 करोड़ रुपये घटकर 9,884 करोड़ रुपये रह गया। पिछले तीन महीने में कंपनी की कुल आय 5 फीसदी कम हो गई है। हालांकि, भारती एयरटेल के शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल दिखा।
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एजीआर चुकाने के लिए किसी कंपनी ने नहीं मांगा कर्ज : एसबीआई 

एसबीआई चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा कि पूंजी जुटाना दूरसंचार कंपनियों पर निर्भर होगा और हो सकता है कि उन्होंने अभी तक इसकी व्यवस्था भी कर ली हो। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘अब यह दूरसंचार कंपनियों पर निर्भर है कि वे पैसा जुटाने के लिए क्या कदम उठाती हैं। मुझे लगता है कि उन्होंने इंतजाम कर लिया होगा।’ कुमार ने कहा कि बैंक ने दूरसंचार क्षेत्र को 29 हजार करोड़ का कर्ज दे रखा है और 14 हजार करोड़ गैर कोष आधारित एक्सपोजर है।

कंपनियां अगर अपने एजीआर भुगतान के लिए बैंक से और कर्ज लने की अपील करती हैं, तो उस हालात में इस पर विचार किया जाएगा। एसबीआई के सकल एनपीए में दूरसंचार क्षेत्र की भागीदारी 9,000 करोड़ रुपये की है। उन्होंने कहा कि एसबीआई नकदी आरक्षित अनुपात (सीआरआर) से जुड़े सभी फायदे छोटे कर्जों के लिए देगी और इस संबंध में एक अप्रैल को कोई फैसला लिया जाएगा। 
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