वैश्विक क्रेडिट रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने चेताया है कि आरबीआई पर सरकार के लगातार दबाव से देश की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता और बैंकिंग प्रणाली की उपलब्धियों को नुकसान पहुंच सकता है। एसएंडपी ने आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों को नकारात्मक बताया। उसका कहना है कि बैंकों में गवर्नेंस और पारदर्शिता पर काम करने की जरूरत है।
एसएंडपी ने सोमवार को कहा कि हम आरबीआई के निदेशक मंडल की जनवरी, 2019 में होने वाली बैठक में बैंकिंग प्रणाली के नियमनों में किसी बदलाव का इंतजार करेंगे। आरबीआई कई अन्य प्राधिकरणों की तुलना में पारंपरिक तौर पर अधिक स्वतंत्र रहा है और इसकी संस्थागत संस्कृति शानदार रही है। हालांकि केंद्र सरकार की ओर से आरबीआई पर जारी सख्त दबाब से आने वाले समय में इसकी स्वतंत्रता और संस्कृति खत्म होने का जोखिम है। यह देश की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
क्रेडिट एजेंसी ने कहा कि हमारे विचार से पूर्व गवर्नर रघुराम राजन द्वारा संपत्ति की गुणवत्ता की समीक्षा की शुरुआत करने के बाद हालिया वर्षों में आरबीआई द्वारा उठाए गए कदमों से बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बेहतर हुई है तथा विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हालांकि, इसका आधार कमजोर रहा है और इसे लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।