स्टॉक मार्केट रेग्युलेटर सिक्युरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) ने देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज स्टॉक मार्केट में फ्यूचर एंड ऑप्शन(एफएंडओ) में ट्रेडिंग करने पर एक साल के लिए बैन लगा दिया है।
#Sebi imposes 1-yr ban on #RelianceIndustries, 12 others in #equity derivatives trading.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 24, 2017
45 दिन में भरना होगा 447 करोड़ का जुर्माना
मुकेश अंबानी
इसके साथ ही सेबी ने कंपनी के ऊपर 447 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया है, जो कि उसको 45 दिन में भरना होगा। इस रकम के अलावा कंपनी को ब्याज भी देना होगा। सेबी ने इसके अलावा 13 अन्य कंपनियों को भी नोटिस भेजा है।
#Sebi also asks #RIL to disgorge Rs 447 crore plus interest in 10-year-old case involving erstwhile listed arm #ReliancePetroleum.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 24, 2017
रिलांयस पेट्रोलियम के मर्जर से जुड़ा है मामला
मुकेश अंबानी
यह मामला 2008 से चल रहा है, जब रिलायंस पेट्रोलियम का रिलायंस इंडस्ट्रीज में विलय किया गया था। सेबी ने तब आरआईएल पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। मुकेश अंबानी ने तब सेबी के इस नियम को दिसंबर 2010 में सैट में चुनौती दी थी।
रिलायंस पेट्रोलियम का विलय करने से पहले आरआईएल ने 4.1 फीसदी शेयर को 4023 करोड़ में बेच दिया था। आरआईएल ने ऐसा मार्केट में शेयर के प्राइस को गिरने से बचाने के लिए किया था। आरोप लगा था कि पहले कंपनी ने रिलायंस पेट्रोलियम के शेयरों को फ्यूचर मार्केट में और उसके बाद स्पॉट मार्केट में बेच दिया था और नुकसान की भरपाई की थी।