जीडीपी के अनुरूप नहीं रही रोजगार दर
हालांकि आमतौर पर माना जाता है कि रोजगार वृद्धि का संबंध सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) से होता है, लेकिन पिछले चार साल का आंकड़ा यह बात नहीं कहता है। 2014-15 से 2018-19 के बीच देश की जीडीपी की दर 7.5 फीसदी थी, जबकि इस दौरान रोजगार दर इससे 4.2 फीसदी कम दर्ज की गई।
सेवा क्षेत्र ही सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता
देश के शीर्ष 10 इंडस्ट्रियल सेक्टर की 895 कंपनियों में 2018-19 में 47 लाख लोग कार्यरत थे। यह सर्वे में शामिल 1938 कंपनियों के कुल रोजगार का तीन चौथाई हिस्सा है।
इसमें सबसे बड़ा 42.4 फीसदी हिस्सा सेवा क्षेत्र से जुड़े तीन उद्योगों (गैर बैंकिंग वित्तीय सेवाओं, आईटी व रिटेल सेक्टर) का है, जबकि शेष हिस्सेदारी निर्माण (30 फीसदी) और कृषि (3 फीसदी) की रही। कुल मिलाकर देखा जाए तो रोजगार में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 50 फीसदी की थी। भारी उद्योग क्षेत्र में रोजगार वृद्धि की दर नकारात्मक रही।