दूरसंचार कंपनियों की ओर से करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) के बकाये का भुगतान नहीं करने पर अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी से संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शनिवार को प्रतिक्रिया दी है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, एजीआर के बकाये को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से जुड़ा अगर कोई मुद्दा सामने आता है उस पर आंतरिक रूप से चर्चा की जाएगी।
आरबीआई की बोर्ड मीटिंग के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शक्तिकांत दास ने इस आदेश के बारे में कोई खास टिप्पणी नहीं की, जबकि माना जा रहा है कि इस आदेश का बैंकों पर असर देखने को मिल सकता है, जिन्होंने वित्तीय दबाव का सामना कर रही दूरसंचार कंपनियों को कर्ज दिया है।
उन्होंने कहा, यह सुप्रीम कोर्ट का आदेश है और शीर्ष कोर्ट के इस आदेश पर मैं कोई टिप्पणी करना पसंद नहीं करूंगा। इसके जो भी मायने हों, यह परीक्षण करने के लिए आरबीआई का आंतरिक मामला है। अगर इस दौरान कोई मुद्दा उठता है तो इसे आंतरिक रूप से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा, आने वाले महीनों में लोन वितरण के गति पकड़ने की संभावना है। बोर्ड को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी संबोधित किया।