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SC ने जेपी ग्रुप को फिर से लताड़ा, 10 मई तक दो किश्तों में जमा करने होंगे 200 करोड़ रुपये

Wed, 21 Mar 2018 01:08 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिवालिया होने की कगार पर खड़े जेपी ग्रुप को सुप्रीम कोर्ट से बुधवार को बड़ी लताड़ देते हुए कहा है कि उसे हर हाल में निवेशकों के द्वारा जमा की गई रकम को लौटाना होगा। कोर्ट ने रियल एस्टेट कंपनी को 10 मई तक दो किश्तों में 200 करोड़ रुपये जमा करने की मोहलत दे दी है। अब कंपनी को 100 करोड़ रुपये की पहली किश्त 15 अप्रैल तक सुप्रीम कोर्ट में जमा करनी होगी। 

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16 अप्रैल को होगी अगली सुनवाई
कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 अप्रैल को करेगा। गौरतलब है कि 2000 करोड़ रुपये जेपी ग्रुप को किश्तों में जमा करने की मोहलत सुप्रीम कोर्ट ने दे दी थी। कोर्ट ने ग्रुप से कहा है कि खरीददारों के पैसों पर वो बैठी नहीं रह सकती है। 
 


सुनवाई की तारीख पर लगाई शर्त
अगर जेपी ग्रुप 15 अप्रैल तक पहली किश्त को जमा कर देगा, तभी कोर्ट आगे राहत देने पर विचार करेगा। अगर जेपी ग्रुप इस किश्त को जमा नहीं करता है, तो फिर कोर्ट आगे का निर्णय 16 अप्रैल को लेगा। इसलिए हर हाल में कंपनी को 10 मई तक 200 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करने होंगे। 
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इन्सॉलवेंसी कोर्ट में IRP ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप

जेपी ग्रीन्स विश टाउन - फोटो : अमर उजाला
सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त किए गए IRP ने जेपी इंफ्राटेक पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। आईआरपी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में याचिका दायर करते हुए कहा है कि जेपी ग्रुप के गलत तरीकों का इस्तेमाल करते हुए 858 एकड़ की जमीन को लोन लेने के लिए इस्तेमाल किया है। 

बैंकों में रखा गिरवी
याचिका में आईआरपी ने कहा है कि जेपी इंफ्राटेक ने इस जमीन की वैल्यू 5-6 हजार करोड़ रुपये लगाई और फिर एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक और स्टेंडर्ड चार्टेड बैंक में जमीन को गिरवी रखकर लोन लिया। यह लोन जेपी समूह की मूल कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट लिमिटेड के लिए लिया गया था। यह तब हुआ जब बैंकों ने जेपी इंफ्राटेक को एनपीए घोषित कर दिया था। 

कंपनी पर है 132 करोड़ की देनदारी
जेपी ग्रुप पर फिक्सड डिपॉजिट होल्डर की 132 करोड़ की देनदारी है। इसके अलावा कंपनी लगातार घर खरीदने वालों को फ्लैट देने में देरी करती जा रही है। जिन जमीनों के हिस्से को कंपनी ने बैंकों के पास गिरवी रखा है वो गौतमबुद्धनगर, आगरा और अलीगढ़ जिले में हैं। जेपी को 33 हजार फ्लैट की डिलीवरी करनी है, जिनमें से 25 हजार फ्लैट को बननें में ही 2021 तक का समय लगेगा।  
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