अगर किसी किरायेदार ने साल भर में एक लाख रुपये से ज्यादा का रेंट दिया है तो फिर मकान मालिक का पैनकार्ड देना भी जरूरी है। वहीं 50 हजार से ज्यादा का मासिक किराया होने पर अगर किरायेदार एक बार में ही साल भर का पूरा किराया देता है तो फिर उसको 5 फीसदी टीडीएस काटना होगा।
टीडीएस की जानकारी करनी होगी अपलोड
टीडीएस काटने वाली तारीख से एक महीने के अंदर में फॉर्म 26QC पर अपलोड करना होगा। इसके 15 दिन के बाद किरायेदार को टीडीएस सर्टिफिकेट इस वेबसाइट ( http://www.tdscpc.gov.in) से डाउनलोड करने के बाद मकान मालिक को फॉर्म 16सी जारी करना होगा।
मकान मालिक को पूरा करना होगा यह पेपर वर्क
मकान मालिक को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की नई गाइडलाइंस के अनुसार कई पेपरवर्क पूर करने होंगे। सबसे पहले उसे किरायेदार को साइन की हुई रेंट रसीद जारी करनी होगी। रेंट रसीद नहीं देने पर डिपार्टमेंट कार्रवाई कर सकता है।
इसके अलावा रेंट अग्रीमेंट को 100 रुपये या फिर अधिकतम 500 रुपये के स्टांप पेपर पर बनवाना चाहिए। रेंट अग्रीमेंट 11 महीने का होना चाहिए और यह पीरियड समाप्त होने के बाद रिन्यु करते वक्त किराया भी बढ़ना चाहिए। अगर रेंट अग्रीमेंट 11 महीने से ज्यादा का है तो फिर उसे लीज डीड के तौर पर माना जाएगा।