गुलशन होम्ज के डायरेक्टर दीपक कपूर ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर भावनाओं से जुड़ा हुआ सेक्टर है और यह बहुत जरुरी है की बजट में सरकार को पर्सनल इनकम टैक्स मॉडल की तरह लाभ का प्रस्ताव देना चाहिए था।
इस बार के बजट में आम जनता के लिए टैक्स स्ट्रक्चर से सम्बंधित किसी भी प्रकार का कोई लाभ नहीं मिला है। एमएसएमई (माइक्रो स्माल एंड मीडियम इंटरप्राइजेज) के कॉर्पोरेट टैक्स को 25 प्रतिशत का विस्तार 250 करोड़ कॉर्पोरेट्स वाली कंपनियों तक के लिए कर दिया है। कंपनियों के कम टैक्स का बोझ रियल एस्टेट को नई शुरुआत करने और नौकरी के अवसरों को बढ़ाने के लिए अनुमति दे सकता है।
रियल इस्टेट को नहीं मिला डायरेक्ट बेनेफिट
महागुन ग्रुप के डायरेक्टर धीरज जैन के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किए गए बजट में रियल एस्टेट सेक्टर को सीधे तौर पर तो कोई लाभ नहीं मिला, लेकिन कई बातें ऐसी हैं जिनसे आने वाले समय में सेक्टर को फायदा पहुंच सकता है।
वर्तमान सरकार द्वारा यह अंतिम पूर्ण संघीय बजट प्रस्तुति थी, जो रियल्टी क्षेत्र के लिए मिश्रित बैग के साथ बाहर आई है। यह बजट रेरा और जीएसटी के आने के बाद का पहला बजट है तो हमने यह उम्मीद लगायी थी कि सरकार द्वारा सेक्टर के लिए और भी बेहतर कदम उठाये जायेंगे।