कोरोना वायरस महामारी संकट के बीच रियल एस्टेट क्षेत्र के राहत के लिए सरकार जल्द दिशानिर्देश और नियामकीय उपाय जारी करेगी। आवास एवं शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने यह जानकारी दी।
इस संदर्भ में मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रव्यापी बंदी की वजह से रियल एस्टेट क्षेत्र में निर्माण कार्य बंद है। ऐसे में बिल्डरों से कहा गया है कि इस संकट के समय वे अपनी साइटों पर काम करने वाले मजदूरों की मदद करें। मिश्रा ने ट्वीट में कहा कि उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 2,600 प्रमुख रियल एस्टेट डेवलपरों से बात की है। ये डेवलपर रियल्टी कंपनियों के संगठन नारेडको के सदस्य हैं।
श्रमबल की मदद करें बिल्डर
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सामने आए मुद्दों और उनके हल के उपायों पर चर्चा हुई। मिश्रा ने कहा कि एक ऐसी आपात स्थिति आ गई है जिसने पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। ऐसे संकट के समय हमें ऐसे उपाय करने की जरूरत है ताकि अपनी अर्थव्यवस्था और सभी उद्योग और कारोबार क्षेत्रों को उबारा जा सके। सचिव ने कहा कि ऐसे समय जबकि सभी परियोजनाएं अस्थायी रूप से रुकी हुई हैं, बिल्डरों से कहा गया है कि वे श्रमबल की मदद करने पर ध्यान दें।
जल्द जारी होंगे विशेष दिशानिर्देश
उन्होंने कहा कि इस संकट की स्थिति से निकलने के लिए सभी रियल एस्टेट क्षेत्रों के लिए विशेष दिशानिर्देश और नियामकीय उपाय जल्द जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हमें इस स्थिति में ऐसे उपाय करने होंगे जिससे हमारे कामगारों के साथ देश को भी दीर्घावधि में लाभ हो सके।
वहीं नारेडको के चेयरमैन राजीव तलवार, अध्यक्ष निरंजन हीरानंदानी और वाइस चेयरमैन प्रवीन जैन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में शामिल हुए। नारेडको उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष ने भी बैठक में हिस्सा लिया। रियल एस्टेट कंपनियों ने इस संकट से निपटने के लिए सरकार से मदद मांगी है। सूत्रों ने बताया कि रियल एस्टेट कंपनियों ने एकबारगी ऋण पुनर्गठन और परियोजनाओं को पूरा करने के समय को बढ़ाने को रेरा के तहत राहत मांगी है।