किसी हाउसिंग सोसाइटी या फिर कॉलोनी में रहने वाले लोग हर महीने RWA को मेंटेनेंस के तौर पर 7500 रुपये से अधिक देते हैं तो फिर उनको 18 फीसदी जीएसटी देना होगा। वित्त मंत्रालय ने इस बारे में स्पष्टीकरण जारी किया है।
इससे पहले 25 जनवरी 2018 तक केवल पांच हजार रुपये से ज्यादा की मेंटेनेंस राशि पर जीएसटी देय होता था। हालांकि अब नौ हजार रुपये मासिक शुल्क देने वालों को भी जीएसटी देना होगा।
अगर किसी व्यक्ति के एक ही सोसाइटी में दो फ्लैट हैं, और वो इसके लिए प्रत्येक फ्लैट के लिए 7500 रुपये दे रहा है, तो उसके लिए छूट लागू होगी। वहीं 20 लाख रुपये से ज्यादा के टर्नओवर वाले आरडब्ल्यूए को जीएसटी के दायरे में लाया गया है।
टैक्स एक्सपर्ट सीए अतुल गर्ग ने बताया कि जिन सोसाइटी और RWA ने अपना रजिस्ट्रेशन जीएसटी में नहीं कराया है, उनको अब ऐसा कराना जरुरी हो जाएगा। इसके अलावा जीएसटी में 37 अलग-अलग तरह के वार्षिक रिटर्न फाइल करने होंगे, जो कि पहले एक ही करना होता था।
सोसाइटी और RWA के पदाधिकारियों के मुताबिक इससे फंड के इस्तेमाल करने पर असर पड़ेगा, क्योंकि इस फंड का इस्तेमाल सोसाइटी में इमरजेंसी के दौरान होता है। एक सोसाइटी के पदाधिकारी राजीव शर्मा के अनुसार, कोई भी सोसाइटी इस फंड का इस्तेमाल तब तक नहीं करती है, जब तक कोई बड़ा खर्चा न आ जाएं। अब टैक्स ज्यादा लगने से उनको फंड का स्टेटस सही रखने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।