केंद्रीय प्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने कहा है कि गत 21 अगस्त से 16 नवंबर के बीच विचारणीय (डीम्ड) तरीके से जीएसटी पंजीकरण कराने वाले कारोबारियों का फिजिकल सत्यापन किया जाएगा। बोर्ड ने सभी फील्ड अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। इसका मकसद पंजीकरण कराने वाली वास्तविक आयु या कारोबारियों की पहचान करना है।
सीबीआईसी ने फील्ड अधिकारियों को जारी किए निर्देश
सीबीआईसी ने कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो कारोबारी या कंपनियां आधार प्रमाणीकरण नहीं कराती या उनकी प्रक्रिया फेल हो जाती हैं, उनका (डीम्ड) आधार पर जीएसटी पंजीकरण कराएं। जीएसटी के मौजूदा नियमों के तहत आवेदन के 21 दिनों के भीतर अधिकारी सत्यापन नहीं करते या कोई नोटिस जारी नहीं होता, तो टीम आधार पर पंजीकरण को स्वीकार कर लिया जाता है।
सीबीआईसी ने कहा है कि 21 अगस्त से 16 नवंबर 2020 के बीच कई ऐसे कारोबार का (डीम्ड) पंजीकरण करा दिया गया जिनका आधार प्रमाणीकरण नहीं पूरा नहीं हो सका है। कर अधिकारियों को अब मानक प्रक्रिया अपनाते हुए इस तरह के सभी पंजीकरण का फिजिकल सत्यापन करना होगा। इससे पता चलेगा कि पंजीकरण कराने वाली इकाइयां या कारोबारी वास्तव में हैं।
सत्यापन के लिए चाहिए ये दस्तावेज
- विनिर्माण इकाई के लिए पंजीकरण कराया है तो कैपिटल गुड्स के साथ स्थापित इकाई का मुआयना होगा।
- इकाई खुद की है, तो संबंधित अवधि में दिए गए बिजली बिल की कॉपी, किराए पर है तो रेंट एग्रीमेंट या लीज दिखानी होगी।
- कर्मचारियों की संख्या और नियोक्ता का रिकॉर्ड, आवेदक के आधार, पैन के साथ प्रॉपराइटर, भागीदार, निदेशक या अन्य किसी महत्वपूर्ण भागीदारों के भी आधार पर दिखाने होंगे।
- बैंक की ओर से जारी केवाईसी लेटर का भी सत्यापन किया जाएगा।