सामान्य पेट्रोल की अगर बात करें तो इसपर 19.48 रुपये का उत्पाद शुल्क चुकाना पड़ता है, जबकि ब्रांडेड पेट्रोल पर यह शुल्क 20.66 रुपये है। वहीं, सामान्य हाई स्पीड डीजल पर 15.33 रुपये और ब्रांडेड डीजल पर 17.69 रुपये का उत्पाद शुल्क चुकाना पड़ता है।
इसके अलावा राज्यों में अलग-अलग वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) भी लगते हैं, जो तेल की कीमतों को बढ़ा देते हैं। महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई में सरकार पेट्रोल और डीजल पर सबसे ज्यादा क्रमश: 39.12 फीसदी और 24.78 फीसदी वैट लगाती है। वहीं, पंजाब में 35.12 फीसदी, आंध्र प्रदेश में 35.77 फीसदी और मध्य प्रदेश में 35.78 फीसदी वैट देना पड़ता है।
वहीं, डीलरों को तेल कंपनियों को कमीशन भी देना पड़ता है। ये कमीशन पेट्रोल पंप के लोकेशन के हिसाब से अलग-अलग होते हैं। पेट्रोल पर 3 से 3.65 रुपये तक का कमीशन लगता है और डीजल पर 2 से 2.62 रुपये तक का कमीशन देना पड़ता है।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के खिलाफ 10 सितंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। इसमें कांग्रेस को कई राजनीतिक पार्टियों का समर्थन भी प्राप्त है, जिसमें लालू यादव की राजद और डीएमके प्रमुख पार्टियां हैं।