क्रिसिल के मुख्य अर्थशास्त्री डीके जोशी का कहना है कि डीजल की कीमतों में इतनी बढ़ोतरी होने का असर एक साथ पूरे देश पर पड़ा है, क्योंकि माल परिवहन के लिए डीजल ही मुख्य ईंधन है। इससे अब एफएमसीजी कंपनियां भी इस साल की तीसरी तिमाही में दाम बढ़ाने पर विवश होंगी, क्योंकि इससे पहले भी ढुलाई खर्च बढ़ने की वजह से उन्होंने दाम नहीं बढ़ाया था। ऐसे में कम से कम पांच फीसदी दाम बढ़ सकता है।
बिगड़ा घरेलू बजट
बीते एक पखवाडे़ में गृहस्थी चलाना 30 फीसदी तक महंगा हो गया है। दिल्ली के उपनगरीय इलाकों में पिछले पखवाडे़ पहाड़ी आलू 20 रुपये किलो मिल रहा था, जो बढ़कर अब 25 रुपये हो गया है। नासिक वाला प्याज 20 रुपये किलो बिक रहा था, जो अब 25 रुपये किलो हो गया है।
इसी तरह भिंडी व कद्दू की कीमत भी पांच से 10 रुपये प्रति किलो बढ़ गई है। यही नहीं, चावल-दाल भी 10 रुपये किलो तक महंगे हो गए हैं। डबल रोटी के 700 ग्राम वाले लोफ की कीमत 35 से बढ़कर 40 रुपये हो गई है, तो अंडे की कीमत 50 रुपये दर्जन से बढ़कर 55 रुपये दर्जन हो गई है।