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डूब सकता है पीएफ-पेंशन खाते में जमा पैसा, ऐसे लगेगा 20 हजार करोड़ का झटका

Wed, 16 Jan 2019 11:21 AM IST
अभिषेक त्यागी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
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आपके पीएफ और पेंशन खातों पर बड़ी चपत लगने जा रही है। एक अनुमान के मुताबिक करीब 20 हजार करोड़ का झटका ऐसे लोगों को लगने जा रहा है, जिनका पीएफ और पेंशन फंड का खाता खुला हुआ है। 

यह है बड़ी वजह

आपके पीएफ और पेंशन फंड खाते का ज्यादातर पैसा कर्ज के बोझ तले इंक्रा कंपनी आईएलएंडएफएस में निवेश किया गया है। कंपनी फिलहाल दिवालिया होने की कगार पर है। ऐसे में सैलरी क्लास वाले लोगों पर इसका असर पड़ेगा। 

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इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक फंड मैनेजरों ने ज्यादातर पैसा बांड अथवा लोन के तौर पर कंपनी को दे रखा है। यह पैसा तब दिया गया था जब आईएलएंडएफएस की हालत काफी सही थी और इसको सुरक्षित निवेश के लिए ट्रिपल ए (एएए) की रेटिंग मिली हुई थी। 

40 फीसदी पैसा जाएगा डूब

आईएलएंडएफएस में निवेशकों के मुताबिक 40 फीसदी पैसा पेंशन और पीएफ खाते का जमा है। बाकी 60 फीसदी रकम यस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, इंडसइंड बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा के द्वारा लोन के तौर पर दिया गया था। 

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91 हजार करोड़ की देनदारी

कंपनी पर फिलहाल 91 हजार करोड़ की देनदारी है। इंफ्रास्ट्रक्टर निवेश से जुड़ी सरकारी क्षेत्र की कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आईएल एंड एफएस) अपने कर्जों की किस्त नहीं चुका पा रही है। इसके चलते न केवल कई बड़े बैंक संकट में पड़ गए हैं बल्कि प्रोविडेंट फंड और पेंशन फंड में पैसा लगाने वाले आम लोगों की मेहनत की कमाई भी दांव पर लगी है। 

169 कंपनियों का समूह है आईएलएंडएफएस

2017-18 के आंकड़ों के अनुसार, आईएलएंडएफएस समूह में 169 कंपनियां हैं। इनमें आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क्स, आईएल एंड एफएस फाइनेंशियल सर्विस लिमिटेड और गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी कंपनी लिमिटेड आदि शामिल हैं। 

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का सबसे ज्यादा कर्ज

आईएलएंडएफएस पर कुल 90,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इस कर्ज में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी सरकारी बैंकों की है। इसमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की हिस्सेदारी 50.5 फीसदी है। यूटीआई की हिस्सेदारी 30.5 फीसदी है।

अगर कंपनी में हिस्सेदारी की बात करें तो एलआईसी की हिस्सेदारी 26.01 फीसदी, जापान की ओरिक्स कॉरपोरेशन 23.54 फीसदी, अबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी की 12.5 फीसदी, एचडीएफसी की 9.02 फीसदी और भारतीय स्टेट बैंक की 6.42 हिस्सेदारी फीसदी है।  
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