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पासपोर्ट में हुआ यह बड़ा बदलाव, पते के प्रूफ में नहीं होगा शामिल, 1 जून से होगा लागू

Thu, 31 May 2018 03:46 PM IST
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्र सरकार ने पासपोर्ट में बड़ा बदलाव कर दिया है और यह 1 जून से पूरे देश में लागू होगा। विदेश मंत्रालय एक और कैटेगिरी में पासपोर्ट को लॉन्च करेगा। साथ ही अब पते के प्रूफ के तौर पर इसका प्रयोग नहीं किया जा सकेगा। 

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नहीं होगा पासपोर्ट पर पते का जिक्र
विदेश मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार, अब पासपोर्ट की बुकलेट पर आखिरी पन्ने पर पते की डिटेल्स नहीं होगी। इसके स्थान पर एक बारकोड होगा, जिसको स्कैन करके अधिकारी को जानकारी मिल जाएगी। हालांकि यह डिटेल्स पासपोर्ट बुकलेट की नई सीरिज पर होगी। जब तक रीजनल पासपोर्ट ऑफिस के पास पुरानी बुकलेट का स्टॉक मौजूद रहेगा, तब तक आखिरी पन्ने पर पता लिखा जाएगा। 

एक नए कलर में आएगा पासपोर्ट
इसी के साथ पासपोर्ट में एक और कैटेगिरी आएगी, जिसका कलर अलग होगा। अभी तक विदेश मंत्रालय तीन रंगों में पासपोर्ट को जारी करता है। सफेद रंग वाला सरकारी अधिकारियों के लिए, लाल रंग वाला डिप्लोमेट्स के लिए और नीला आम जनता के लिए। आम जनता को भी फिलहाल दो कैटेगिरी ECNR और ECR में पासपोर्ट जारी किया जाता है। 

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ईसीआर कैटेगिरी में बदलेगा पासपोर्ट का रंग

अब ईसीआर कैटेगिरी वालों को ऑरेंज कलर का पासपोर्ट जारी किया जाएगा। इससे एयरपोर्ट पर पहले ही आधिकारियों को पता चल जाएगा कि वो किसके पासपोर्ट को चेक करेंगे। इससे लोगों और अधिकारियों का इमीग्रेशन चेकिंग के वक्त समय कम लगेगा। इस पासपोर्ट की छपाई नासिक स्थित प्रेस में शुरू हो चुकी है। 

हिंदी में बनेंगे पासपोर्ट, बच्चों को मिलेगी 10 फीसदी छूट
अब से पासपोर्ट हिंदी और अंग्रेजी दोनो ही भाषा में होंगे। इसके साथ ही बच्चों और बुजुर्गों को पासपोर्ट बनवाने के लिए भी सरकार ने खास तोहफा दिया है। अब बच्चों और 60 साल से ऊपर के सीनियर सिटीजन को पासपोर्ट बनवाने में लगने वाली फीस में 10 फीसदी की छूट मिलेगी। 

अंग्रेजी न जानने वालों को होगा फायदा
हिंदी में पासपोर्ट बनने से ऐसे लोगों को फायदा मिलेगा जो अंग्रेजी भाषा नहीं जानते है। इसके अलावा विदेश जाने वाले नवजात से 8 साल तक के बच्चे और 60 साल के सीनियर सिटीजन के पासपोर्ट को बनाने में प्राथमिकता दी जाएगी। 
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पोस्ट ऑफिस में भी बनेंगे पासपोर्ट

हाल ही में देश में पोस्ट ऑफिस के 149 नये पासपोर्ट सेवा केंद्र की भी घोषणा की थी। वहीं, सुषमा ने 'नो इंडिया प्रोग्राम' के तहत मंत्रालय के लिए एक वेब पोर्टल भी लॉन्च किया है। इससे पहले  केंद्र सरकार ने 149 नए पासपोर्ट सेवा केंद्र खोलने की घोषणा की थी। जिसमें लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़ेगा। लोगों के घर से पासपोर्ट ऑफिस दूर होने की समस्या को ध्यान में रखते हुए इस पर सरकार ने काम भी शुरू कर दिया है।

ऑनलाइन जमा होगी फीस
मुख्य डाक घर में पासपोर्ट सेवा केंद्र बनने के बाद भी पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन ऑनलाइन ही करना होगा। फीस भी ऑनलाइन जमा होगी। फीस जमा करने के बाद सामने आए विंडो में पासपोर्ट ऑफिस के तौर पर आपके शहर के मुख्य पोस्ट ऑफिस का नाम भी दर्ज होगा।

इसके बाद संदेश के जरिए एक तारीख उपलब्ध कराई जाएगी। उस तिथि को आपको अपने सभी दस्तावेजों के साथ पासपोर्ट ऑफिस पहुंचना होगा। यहां नोटरी की तरफ से हलफनामा भी देना होगा। डाकघरों के पासपोर्ट ऑफिस में पहुंचने के बाद दिए गए समय पर सक्षम अधिकारी या कर्मचारी के समक्ष पेश होना होगा। यहां सबसे पहले दस्तावेजों की जांच होगी। फिंगरप्रिंट, रेटिना स्कैन, जांच आदि औपचारिकताएं डाकघर में ही होंगी। नई व्यवस्था के तहत पुलिस स्टेशन के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

मोबाइल ऐप से घर बैठे सुविधा
पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारी ने बताया कि पासपोर्ट के लिए लोग लंबी लाइन में नहीं लगना चाहते। इसके लिए वे एक मोबाइल ऐप यूज कर सकते हैं। इस ऐप की मदद से घर बैठे पासपोर्ट बनवाया जा सकता है। विदेश मंत्रालय की ऐप एमपासपोर्ट सेवा इस काम में आपकी मदद करेगा। ये ऐप एंड्रॉयड, आईवोएस और विंडोज यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
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