पर्सनल लोन देने में बैंक सबसे ज्यादा तरजीह वेतनभोगी व्यक्ति को देते हैं। उसमें भी अगर आपका किसी बैंक में सैलरी अकाउंट है, तो आपके लिए पर्सनल लोन लेना कहीं आसान हो जाता है।
बैंक स्वरोजगारी पेशेवर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, इंजीनियर, आर्किटेक्ट आदि को भी पर्सनल लोन देते हैं। इसके अलावा, कुछ बैंक कारोबारी जैसे प्रोपराइटर, पार्टनरशिप फर्म में पार्टनर आदि के रूप में काम कर रहे लोगों को भी पर्सनल लोन देते हैं।
क्या हैं फायदे
पर्सनल लोन का सबसे अहम फायदा यह है कि आपकी आकस्मिक जरूरतों के लिए यह सबसे कारगर है। साथ ही सूद पर कर्ज देने वाले व्यक्ति आदि से इस तरह की जरूरतों के लिए लेने वाले कर्ज की तुलना में कहीं सस्ता है।
बैंकों से पर्सनल लोन आपको 15-24 फीसदी की दर पर मिल जाता है। जबकि सूदखोर 30-50 फीसदी तक ब्याज ले सकता है। यहीं नहीं क्रेडिट कार्ड के जरिए लिए जाने वाले कर्ज की तुलना में भी पर्सनल लोन सस्ता होता है।
किसी दूसरे कर्ज की तुलना में आपसे बैंक अमूमन यह नहीं पूछता कि पर्सनल लोन से ली जाने वाली राशि का आप क्या इस्तेमाल करेंगे। इसके अलावा पर्सनल लोन पूरी तरह से आवेदक की क्रेडिट साख पर मिलता है। इसके लिए आपको किसी तरह की कोई पर्सनल गारंटी, थर्ड पार्टी गारंटी आदि नहीं देनी होती है।
किसी तरह की गारंटी न देने से यह पूरी तरह से गोपनीय होता है। आवेदक और बैंक के अलावा कोई तीसरा पक्ष कर्ज के बारे में बिना जानकारी दिए नहीं जान सकता है। साथ ही यह 3-5 साल की अवधि के लिए आसानी से मिल जाता है।
क्या हैं जोखिम
पर्सनल लोन की सबसे अहम बात यह है कि दूसरे कर्ज की तुलना में यह काफी महंगा होता है। पर्सनल लोन पर चुकाई जाने वाली ब्याज दर होम लोन, ऑटो लोन की तुलना में 5-10 फीसदी तक ज्यादा होती है।
सभी के लिए पर्सनल लोन लेना आसान नहीं है। बैंक काफी सतर्कता के साथ कर्ज देते हैं। गारंटी न होने की वजह से पर्सनल लोन पर जोखिम ज्यादा होता है। ऐसे में बैंक वेतनभोगी, पेशेवर स्वरोजगारी यानी जिनका बैंकिंग रिकार्ड न केवल बेहतर है बल्कि आसानी से मौजूद हैं, उन्हें बैंक कर्ज देते हैं।
ज्यादातर बैंक पर्सनल लोन का भुगतान हिस्सों में नहीं लेते हैं। यानी आप होम लोन आदि की तरह बीच-बीच में मूलधन के हिस्से की कुछ राशि जमा नहीं कर सकते हैं। बैंक समय से पहले कर्ज भुगतान के तहत पूरी राशि एक साथ लेते हैं।
सिबिल की भूमिका अहम
पर्सनल लोन चूंकि पूरी तरह से आवेदक की क्रेडिट साख पर निर्भर होता है। ऐसे में इसे पाने में सिबिल की भी भूमिका काफी अहम हो जाती है। यदि आपका सिबिल में रिकार्ड अच्छा नहीं है यानी क्रेडिट स्कोर अच्छा नहीं है तो आपके लिए पर्सनल लोन लेना काफी मुश्किल हो जाएगा।
ऐसे में यह जरूरी है कि आप क्रेडिट रिकार्ड को अच्छा रखें। यानी आप लिए गए कर्ज आदि का भुगतान समय पर करें। खासतौर से क्रेडिट कार्ड का भुगतान, होम लोन, ऑटो लोन आदि का सही समय से किया गया भुगतान आपको पर्सनल लोन लेने में काफी मदद कर सकता है।