उत्तराखंड त्रासदी में अपनी पूरी संपत्ति गंवा चुके लोगों को बैंक भी राहत देने की तैयारी कर रहे हैं। इसके तहत होम लोन सहित दूसरे कर्ज को चुकाने में बैंकों की ओर से मोहलत दी जा सकती है।
कई बैंकों की शाखाएं इस त्रासदी में खत्म हो गई हैं। इस तरह की शाखाओं में लोगों की जमा रकम की भी अदायगी बैंक करेंगे।
शाखा से डाटा खत्म होने पर भी खातों की विस्तृत जानकारी बैंकों के सर्वर में होती हैं, उसी के आधार पर बैंक अपना ऑपरेशन करेंगे।
भारतीय स्टेट बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार बैंकों में जमा रकम आदि जो भी तबाह हुई है, उसमें किसी भी ग्राहक को नुकसान नहीं होगा। बैंक अपने कैश और दूसरे एसेट के लिए पहले से बीमा कराकर रखते हैं।
इस तरह के हादसों के बाद बीमा कंपनियां बैंकों को इसकी भरपाई कर देती हैं और ग्राहकों को इसका खामियाजा नहीं भुगतना पड़ता।
पंजाब नेशनल बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार उत्तराखंड में किसी भी बैंक का मुख्यालय नहीं है। ऐसे में वहां प्रभावित सभी शाखाओं के रिकॉर्ड इनके मुख्यालय के सर्वर में सुरक्षित रहेंगे।
इसके अलावा होम लोन सहित कारोबारी कर्ज आदि पर बीमा भी होता है। इसके बाद भी यदि जरूरत पड़ी, तो कर्ज चुकाने के लिए ग्राहकों को मोहलत दी जा सकती है।
वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अभी हम इस स्थिति का आकलन कर रहे हैं। जहां तक होम लोन सहित दूसरे कर्ज की बात है, यदि इनकी संख्या ज्यादा होती है, तो पीड़ित लोगों को राहत देने के लिए अलग से प्रावधान किए जा सकते हैं।
पंजाब एंड सिंध बैंक के अधिकारी के अनुसार बैंक ऐसी आपदा से निपटने के लिए बीमा कराकर रखते हैं, जिसकी वजह से ग्राहकों की जमा पूंजी को कोई नुकसान नहीं होता है। इसके पहले सुनामी, भुज में आए भूकंप के समय लोगों को कर्ज चुकाने में राहत दी गई थी।